
रामपुर : जनपद के टांडा थाना क्षेत्र स्थित सैदनगर में 13 मार्च की रात हुई एक कथित सड़क दुर्घटना का रामपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिसे शुरुआती नजर में एक सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई बेरहमी से हत्या थी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतक का सगा भांजा ही निकला, जिसने अपनी मामी से एकतरफा प्यार के चलते अपने मामा को रास्ते से हटा दिया।
घटना 13 मार्च की रात की है, जब सैदनगर इलाके में सड़क किनारे एक युवक का शव और उसकी क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल बरामद हुई थी। प्रथम दृष्ट्या मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था। लेकिन, जब पुलिस ने शव का बारकी से मुआयना किया, तो मृतक के गले और चेहरे पर संदिग्ध निशान दिखाई दिए, जिसने पुलिस के मन में शक पैदा कर दिया।
सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस के होश उड़ गए; मौत का कारण एक्सीडेंट नहीं, बल्कि गला घोंटना (गला घोंटकर हत्या) आया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तुरंत हत्या का मुकदमा दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी।
अपर पुलिस अधीक्षक (रामपुर) अनुराग सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान मृतक के भांजे वीरेंद्र पर शक की सुई घूमी। जब पुलिस ने वीरेंद्र को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
वीरेंद्र ने बताया कि वह अपनी मामी से एकतरफा प्यार करता था और उसे हासिल करने के लिए अपने मामा को रास्ते से हटाना चाहता था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी जितेंद्र उर्फ छोटू को भी साजिश में शामिल किया।
एएसपी के अनुसार, आरोपियों ने हत्या की पूरी योजना किसी थ्रिलर फिल्म के अंदाज में बनाई थी। योजना के मुताबिक, 13 मार्च की रात भांजा वीरेंद्र अपने मामा को बहाने से खेत पर ले गया। वहां दोनों ने मिलकर मामा को जमकर बीयर पिलाई। जब मामा नशे में पूरी तरह धुत होकर बेसुध हो गया, तो वीरेंद्र और जितेंद्र ने मिलकर मफलर से उनका गला घोंट दिया और उनकी जान ले ली।
हत्या करने के बाद असली चुनौती पुलिस को गुमराह करने की थी। इसके लिए दोनों आरोपियों ने एक शातिर चाल चली। उन्होंने मृत मामा के शव को उनकी ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाया। दोनों आरोपियों ने शव को दोनों तरफ से सहारा देकर पकड़ा और बाइक स्टार्ट की। फिर उन्होंने एक्सीलेटर देकर बाइक को सड़क किनारे ले जाकर गिरा दिया, ताकि देखने वालों को लगे कि युवक की मौत एक्सीडेंट में बाइक से गिरने के कारण हुई है।
हालांकि, आरोपियों की यह चालाकी पुलिस की सूझबूझ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने टिक नहीं सकी। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वीरेंद्र और उसके साथी जितेंद्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है।