Rampur News: रामपुर में एसपी विद्यासागर मिश्र की विदाई समारोह भावनाओं से भर गया, जहां एक महिला सिपाही फूट-फूटकर रो पड़ी और खुद कप्तान भी भावुक हो उठे।
Rampur SP Farewell: रामपुर के पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई समारोह में ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। समारोह के दौरान एक महिला सिपाही अचानक फूट-फूटकर रोने लगी। यह देखकर खुद एसपी भी अपनी भावनाओं को संभाल नहीं पाए और उन्होंने उसे पास बुलाकर उसके सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी।
तनु नाम की महिला सिपाही को इस तरह रोते देख एसपी विद्यासागर मिश्र ने उसे पास बुलाया और उसकी पीठ थपथपाकर ढांढस बंधाया। उन्होंने अन्य आरक्षियों को इशारा करते हुए उसे संभालने के लिए कहा। इस दौरान वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी भावुक माहौल को महसूस कर रहा था।
एसपी के साथ मौजूद उनकी पत्नी की आंखें भी इस भावुक पल में नम हो गईं। उन्होंने एक-एक सिपाही से मुलाकात की और सभी से फिर मिलने का वादा किया। साथ ही महिला सिपाहियों से परिवार जैसा व्यवहार करते हुए हल्की-फुल्की बातचीत कर माहौल को सहज बनाने की कोशिश की।
दरअसल, शासन द्वारा सोमवार को 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिसमें रामपुर के एसपी विद्यासागर मिश्र का भी नाम शामिल था। उन्हें अब सीतापुर में पीएसी वाहिनी का सेनानायक नियुक्त किया गया है। इसी के चलते पुलिस लाइन में उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया।
मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित समारोह के बाद जब एसपी अपनी नई तैनाती के लिए रवाना हुए, तो उनकी गाड़ी को फूलों से सजाया गया। पुलिसकर्मियों ने परंपरागत तरीके से उनकी गाड़ी को कुछ दूरी तक खींचकर सम्मानपूर्वक विदाई दी, जो इस समारोह का सबसे खास और भावुक पल बन गया।
रवाना होने से पहले एसपी विद्यासागर मिश्र ने जिला जज भानु देव शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान जिला जज ने उन्हें गले लगाकर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में एसपी विद्यासागर मिश्र ने रामपुर की जनता और पुलिस बल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें जो सहयोग, स्नेह और विश्वास मिला, वह उनके जीवन की अमूल्य यादों में शामिल रहेगा। उन्होंने मातहतों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करते रहें।
विद्यासागर मिश्र 2015 बैच के पदोन्नत आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने 24 जून 2024 को रामपुर के एसपी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे नोएडा कमिश्नरेट में तैनात रहे। 31 मार्च की शाम उनका स्थानांतरण सीतापुर पीएसी वाहिनी में कर दिया गया।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई थानों की बिल्डिंग्स को बेहतर कराया, जिनमें सिविल लाइंस, नगर कोतवाली, खजुरिया और बिलासपुर थाना शामिल हैं। इसके अलावा गौतस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक मुठभेड़ों को अंजाम दिया और सैकड़ों आरोपियों को जेल भेजा।
शाहबाद थाना क्षेत्र में मूकबधिर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उन्होंने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कराया और मात्र 30 दिनों के भीतर उसे आजीवन कारावास की सजा दिलवाई। यह उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।