आजम खान के खिलाफ 17 अगस्त को उनके खिलाफ दो और केस दर्ज कराए गए हैं। हालांकि सपाई इस आरोप को पूरी तरह से नकार रहे हैं। इसी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह का आंदोलन करने का ऐलान किया है।
सपा नेता आजम खान जेल से तो छूट गए हैं, लेकिन उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में उनके खिलाफ वादकारियों को धमकाने के आरोप में दो नए केस दर्ज किए गए हैं, जिसे लेकर सपा कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। उन्होंने इसके विरोध में एक सप्ताह का आंदोलन करने का ऐलान किया है। इस संबंध में कार्यवाहक सपा जिलाध्यक्ष ने प्रशासन को अवगत करा दिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि शासन व प्रशासन की जन विरोधी नीतियों के विरोध में सपा अंबेडकर पार्क में एक सप्ताह का धरना देगी। ये धरना 27 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगा और 2 सितंबर को सुबह 11 बजे खत्म होगा।
आजम खान के खिलाफ 91 मामले विचारधीन
बता दें कि आजम खान के खिलाफ 2019 में बड़े पैमाने पर केसे दर्ज कराए गए थे। जबकि 91 मामले विचारधीन हैं। वहीं 17 अगस्त को उनके खिलाफ दो और केस दर्ज कराए गए हैं। ये केस उन दो वादकारियों नन्हे और अबरार ने दर्ज कराए हैं, जिन्होंने साल 2019 में केस दर्ज कराए थे। दोनों की तरफ से दर्ज कराए गए केस में बताया गया है कि उन्हें आजम खान के खिलाफ गवाही नहीं देने को लेकर धमकाया जा रहा है। हालांकि सपाई इस आरोप को पूरी तरह से नकार रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक से की केस निरस्त करने की मांग
वहीं दन दोनों मामलों के दर्ज होने के बाद आजम खान के बेटे और स्वार टांडा से विधायक अब्दुल्ला आजम व चमरौआ विधायक नसीर अहमद खां ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी और उनसे फर्जी केस को निरस्त करने की मांग की थी। फिर अगले दिन मुरादाबाद पहुंचकर डीआईजी से मुलाकात कर केस को निरस्त कराने की मांग की थी। जबकि सोमवार को सपा प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की थी और केस को फर्जी बताते हुए रद्द कराने की मांग की थी।
अंबेडकर पार्क में एक सप्ताह का धरना
वहीं अब सपाईयों ने एक सप्ताह का धरना देने का एलान कर दिया है। रामपुर के कार्यवाहक सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल की ओर से नगर मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि जनता की समस्याओं और शासन व प्रशासन की जन विरोधी नीतियों के विरोध में समाजवादी पार्टी अंबेडकर पार्क में एक सप्ताह का धरना देगी। जिसपर नगर मजिस्ट्रेट सत्यम मिश्रा ने बताया कि सपा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष का पत्र उन्हें मिला है। इस संबंध में सीओ सिटी से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद ही धरने की परमिशन देने या न देने का निर्णय लिया जाएगा।