रामपुर

Video: आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ेगी यह तलाक पीड़ि‍त महिला, वजह जानकर आपकी आंखों में आ जाएंगे आंसू

- दिल्ली में रहने वाली मुस्लिम महिला ने रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का किया ऐलान - 8 सितंबर 1975 को रामपुर में जन्म हुआ था समीना बेगम का - पहले पति ने खत के माध्यम से 14 जून 2004 को अचानक दे दिया था तलाक

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Mar 12, 2019
Video: आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ेगी यह तलाक पीड़ि‍त महिला, वजह जानकर आपकी आंखों में आ जाएंगे आंसू

रामपुर। दिल्ली में रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने रामपुर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने एक होटल में प्रेसवार्ता में बताया कि वह रामपुर से चुनाव जीतकर संसद जाना चाहती हैं। उनकी इच्‍छा तलाक पीड़ि‍त महिलाओं का जीवन सुधारने की है। वह तलाक पीड़िता महिलाओं को पेंशन, उनके बच्चों को स्कूल-काॅलेज में पढ़ाने के लिए इंतजाम कराने के अलावा उनको मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराना चाहती हैं।

कौन है यह महिला

समीना बेगम का 8 सितंबर 1975 को रामपुर के महफूज खान के यहां जन्म हुआ था। उनकी मां का नाम जरीना बेगम है। पहले उनका परिवार रामपुर में रहता था लेकिन उनके पिता सरकारी नौकरी में थे। इस कारण उनकी पोस्टिंग संभल जिले में रही। वहां उनका ननिहाल है। समीना ज्यादातर संभल में ही रहीं।

1999 में हुआ था पहला निकाह

उनका कहना है क‍ि उनकी पहली शादी 1999 में दिल्ली के बटला हाउस निवासी जावेद अनवर से हुई है। उनसे दो बेटे हैं इला अनवर और सईद अनवर। उनके पति ने खत के माध्यम से 14 जून 2004 को अचानक उनको तलाक दे दिया। उस समय वह संभल में थी। खत आने के बाद उन्‍होंने मौलाना-मौलवियों से पूछा कि क्या करें। लेकिन कोई संतुष्‍ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्‍होंने 1 जनवरी 2012 को बुलंदशहर के रियाजुद्दीन से निकाह किया। उनसे एक बेटा हुआ, जिसका नाम फैजान है। अब वह साढ़े 6 साल का है। जब उनका बेटा 15 दिन का था, तब रियाजुद्दीन उन्‍हें फोन पर तलाक देकर गायब हो गए। तभी से उन्‍होंने फैसला लिया कि वह अब शादी नहीं करेंगी और तीन तलाक को खत्म करेंगी। इसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट में गई लेकिन गरीब के कारण पैरवी नहीं कर पा रही हैं। उनका कहना है क‍ि वह देश भर की तलाक पीड़िता महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए लगातार तत्‍पर रहती हैं। फिलहाल वह दिल्ली में रह रही हैं। वह यहां से चुनाव जीतकर तलाक पीड़िताओं का जीवन सुधारने कर काम करेंगी।

संसद में उठाना चाहती हैं ये बातें

उनकी आपबीती के बारे में पूछने पर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। भावुक होेते हुए उन्‍होंने कहा कि शादी के बाद शौहर ही सब कुछ होता है लेकिन जब पति छोड़ दे तो वह कहां से खर्चा पूरा करेंगी। घर से निकलते ही रुपयों की आवश्यकता होती है। इस पर न सरकारों की नजर रहती और न ही जनप्रतिनिधियों की। बच्चों का क्या कसूर है। वह इन सब बातों को संसद में उठाना चाहती हैं।

आजम खान और पीएम मोदी के सवाल पर यह कहा

रामपुर में सपा नेता आजम खान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर को लेकर उन्‍होंने कहा कि उनसे उन्‍हें कोई मतलब नहीं है। तलाक पीड़िता महिलाएं उन्‍हें जानती हैं। उन्‍होंने तलाक को खत्म कराने और बिल पास कराने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन उसे इन लोगों ने राज्यसभा में पास नहीं होने दिया। उन्‍होंने सभी को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताया।

सपा के खाते में गई है सीट

आपको बता दें क‍ि रामपुर लोकसभा सीट गठबंधन की तरफ से सपा के खाते में गई है। सपा नेता व पूर्व मंत्री आजम खान यहां से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। माना जा रहा है कि यहां से उनको ही टिकट मिलेगा। जबक‍ि शिवपाल यादव की प्रगतिशील पार्टी ने यहां से सोने के कारोबारी संजय सक्‍सेना को टिकट दिया है।

Updated on:
12 Mar 2019 11:42 am
Published on:
12 Mar 2019 11:38 am
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