Jharkhand Election: हेलिकाप्टर चालक ने पोलिंग पार्टियों (Polling parties) को झारखंड की बजाय छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में उतार कर रवाना हो गया। पोलिंग पार्टियों को जब मालूम हुआ कि वे झारखंड की बजाय छत्तीसगढ़ पहुंच गए हैं तो अफरातफरी मच गई।
दूसरे हेलीकॉप्टर से सही जगह पहुंचाया गया
रांची
जाना था जापान... पहुच गए चीन समझ गए ना...! जी हां... हेलिकाप्टर चालक ने पोलिंग पार्टियों को झारखंड की बजाय छत्तीसगढ़ में उतार कर रवाना हो गया। पोलिंग पार्टियों को जब मालूम हुआ कि वे झारखंड की बजाय छत्तीसगढ़ पहुंच गए हैं तो अफरातफरी मच गई। बाद में झारखंड चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को जानकारी मिलने पर दूसरे हेलीकाप्टर से सभी कर्मियों को वापस झारखंड लाकर सही जगह पंहुचाया गया। जानकारी के अनुसार झारखंड के लातेहार जिले के मनिका विधानसभा क्षेत्र में 30 नवंबर को प्रथम चरण का चुनाव होना है। एक पोलिंग पार्टी को हेलीकॉप्टर से मनिका विधानसभा क्षेत्र के महुुआडांड़ के चटकपुर क्लस्टर के लिए भेजा गया। लेकिन हेलीकाप्टर उन्हें छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर भैंसामुंडा स्थित सत्तीपारा के खुले मैदान पर उतारकर वापस आ गया। इससे आठ पोलिंग पार्टी के 18 कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पोलिंग पार्टी को जब पता चला कि वे झारखंड के अपने पोलिंग सेंटर को छोड़ छत्तीसगढ़ इलाके में उतर गए हैं तो आनन-फानन में इसकी जानकारी सूरजपुर कलेक्टर दीपक सोनी को दी गई। कलेक्टर ने तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसकी जानकारी झारखंड राज्य के निर्वाचन आयोग तक पहुंचाई गयी।
जब दूसरे हेलीकाप्टर ने पहुंचाया सही जगह
गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे लातेहार से आठ मतदान केंद्रों के 18 कर्मचारियों को मतदान सामग्री के साथ मनिका विधानसभा क्षेत्र के चटकपुर इलाके में स्थित अलग-अलग मतदान केंद्रों के लिए भेजा गया था। हेलीकॉप्टर इन मतदान कर्मियों को लेकर झारखंड से रवाना हुआ। जो भटक कर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले अंतर्गत प्रतापपुर भैंसामुंडा से लगे सतीपारा में खुले मैदान पर आ पहुंचा। यहां हेलीकॉप्टर लैंड होने के बाद पायलट ने सभी 18 मतदान कर्मचारियों को नीचे उतरने कहा और खुद हेलीकॉप्टर लेकर रवाना हो गया। जब पोलिंग पार्टी के सदस्यों ने आसपास के ग्रामीणों से जानकारी ली तो पता चला वे झारखंड में नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ में आ पहुंचे हैं तो बेचैनी बढ़ गयी। इसी दौरान स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा घेरा में ले लिया। एक घंटे बाद दूसरा हेलीकाप्टर आया जिससे वे सभी सुरक्षित चटकपुर क्लस्टर पर पहुंच गए हैं। उपायुक्त सह निर्वाची पदाधिकारी जि़शान कमर ने कहा कि मामले के जानकारी मिलते ही दूसरा हेलीकाप्टर भेज कर सभी कर्मियों को वापस चटकपुर लाया गया है। उन्होंने कहा कि जीआर में गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है।