
रवि सिन्हा की रिपोर्ट....
रांची। राज्य सरकार की आरे से प्राथमिक स्कूलों को विलय करने के फैसले के विरोध में झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) दल ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की ओर से एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम मेें पार्टी के कार्यकर्ता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की।
यह लोग रहे आयोजन में मौजूद
राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूलों के विलय के फैसले समेत अन्य मुद्दों को लेकर झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) द्वारा मंगलवार को राजभवन के समक्ष एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, डॉ. सबा अहमद समेत अन्य पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और काफी संख्या में नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
इन मुद्यों को लेकर सरकार को घेर रहा झाविमो
पार्टी नेताओं द्वारा राज्य सरकार द्वारा बंद कराए जा रहे 12480 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को चालू रखने, चरमरायी बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने समेत अन्य मांगों को लेकर राज्यपाल से हस्तक्षेप का आग्रह किया गया।
फैसले पर किया जाए पुनर्विचार-मरांडी
इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सुदूरवर्ती गांवों में सरकारी स्कूल बंद हो जाने से बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे और राज्य सरकार का यह निर्णय शिक्षा के अधिकार कानून के भी विपरीत है। उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल को बंद कर देने से छोटे-छोटे स्कूली बच्चे कैसे 10-15 किमी दूर स्कूल में पढ़ने जा पाएंगे। उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।