
JPSC-JSSC Protest: FIR से भड़के JPSC-JSSC अभ्यर्थी, रविंद्र पासवान बोले- ‘सभी छात्रों को दोषी मत मानिए…’ (फोटो सोर्स: ANI)
Ravindra Paswan Statement: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा रद्द करने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। आंदोलनकारी छात्र अब सरकार के साथ सीधे संवाद और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। छात्र नेता रविंद्र पासवान का कहना है कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल से दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन छात्रों की बात को समझने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुद वार्ता में शामिल होना चाहिए। उनके मुताबिक लोकतंत्र में संवाद ही समाधान का रास्ता है।
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से आए मंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ छात्रों की दो दौर की बातचीत हुई। छात्रों ने अपनी मांगों को तथ्यों और तर्कों के साथ सामने रखा। उनका मानना है कि अब मुख्यमंत्री को स्वयं छात्रों के साथ बैठकर उनकी परेशानियों और चिंताओं को समझना चाहिए।
पासवान के मुताबिक, मुख्यमंत्री की मौजूदगी से छात्रों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और बातचीत को अधिक गंभीरता मिलेगी। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलनकारी पक्ष की बात सीधे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना जरूरी है, खासकर तब जब लंबे समय से चला आ रहा विवाद बातचीत के बावजूद पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।
आंदोलन के दौरान FIR दर्ज किए जाने के मुद्दे पर भी छात्र नेता ने प्रशासन से संयम बरतने की अपील की। पासवान का कहना है कि आंदोलन से पहले छात्रों की SSP के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर बातचीत हुई थी। उस दौरान FIR की कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी।
उनका कहना है कि पुलिस यदि मानती है कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हुए थे तो उनकी पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति या समूह की कथित गलती के आधार पर पूरे छात्र आंदोलन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
पासवान ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि कुछ छात्र भ्रमित होकर किसी स्थिति में शामिल हुए, तो उनके मामले को अलग-अलग देखकर कार्रवाई की जानी चाहिए। पूरे छात्र समुदाय को एक ही नजर से देखने से विवाद और गहरा सकता है।
रविंद्र पासवान ने आंदोलन के राजनीतिकरण को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उनका कहना है कि जहां भी उन्हें लगा कि छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है, वहां से उन्होंने दूरी बनाई।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों को किसी राजनीतिक दल से दुश्मनी नहीं है। उनका मंच सभी से नैतिक समर्थन की अपेक्षा रखता है। यही वजह है कि कांग्रेस के नेता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इसके बाद JMM और BJP से जुड़े लोग भी अपनी बातें रखने और छात्रों को समर्थन देने पहुंचे।
यानी छात्रों का संदेश साफ है राजनीतिक समर्थन का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन आंदोलन की दिशा और मुद्दे छात्रों के हाथ में ही रहेंगे।
Updated on:
13 Aug 2026 10:38 am
Published on:
13 Aug 2026 09:45 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
