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Phuket Delhi Flight Incident: फुकेट से दिल्ली उड़ान के बीच 30-35 मिनट के लिए सो गया था पायलट, Phuket-Delhi फ्लाइट की जांच में नए सवाल

Air India Pilot Cannabis Test: AI2379 की उड़ान में अचानक करीब 300-360 फीट की ऊंचाई में बदलाव के बाद कई यात्री घायल हुए थे। अब जांच में पायलट की नींद, डॉक्टर की दवा और कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल हो रही है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि ड्रग टेस्ट का परिणाम विमान की ऊंचाई घटने की घटना का कारण था।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 13, 2026

Air India Phuket Delhi Flight

Air India Pilot: फ्लाइट में 35 मिनट सोया पायलट, ड्रग टेस्ट में Cannabis Positive; जांच में सामने आई अहम बात (फोटो सोर्स: ANI)

Air India Pilot Slept During Flight: फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट में अचानक ऊंचाई घटने की घटना अब सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी की जांच तक सीमित नहीं रह गई है। हादसे के बाद हुई पूछताछ में कमांडर ने बताया कि वह लंबे समय से नींद की समस्या से जूझ रहा था और उड़ान के दौरान करीब 30-35 मिनट सोया था। इसके साथ ही उसके ड्रग टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि होने की खबर ने कॉकपिट में पायलट की फिटनेस, दवाओं के इस्तेमाल और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Air India Pilot Slept During Flight: उड़ान के बीच पायलट ने ली 30-35 मिनट की नींद

4 अगस्त को Air India की Phuket-Delhi उड़ान AI2379 Airbus A320 विमान से संचालित हो रही थी। विमान जब क्रूज ऊंचाई पर था, तभी अचानक ऊंचाई में तेज बदलाव आया। इस घटना में यात्रियों और चालक दल के कई सदस्य घायल हुए। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक कुल 24 लोग घायल हुए थे।

जांचकर्ताओं के सामने दिए गए बयान के मुताबिक विमान के कमांडर ने बताया कि वह कुछ समय से नींद से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहे थे। उन्होंने इसे निजी परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि Phuket में ठहरने के दौरान भी उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिली थी।

कमांडर ने यह भी बताया कि उड़ान के दौरान उन्होंने लगभग 30 से 35 मिनट तक नींद ली। इसके बाद वह वॉशरूम गए और वापस आकर फर्स्ट ऑफिसर के पीछे खड़े हो गए।

इसी दौरान विमान में अचानक ऊंचाई घटने की घटना हुई। बताया गया है कि उस समय फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहे थे और कमांडर की भूमिका पायलट मॉनिटरिंग की थी।

कॉकपिट में आखिर उस वक्त क्या हुआ?

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कमांडर ने बताया कि ऊंचाई में अचानक बदलाव के समय वह फर्स्ट ऑफिसर के पीछे खड़े होकर एयर कंडीशनिंग सिस्टम को लेकर चर्चा कर रहे थे। घटना के दौरान वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए।

कॉकपिट में मौजूद एक केबिन क्रू सदस्य ने उन्हें उठाने में मदद की। विमान के उड़ान रिकॉर्ड, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और अन्य तकनीकी डेटा की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से ठीक पहले दोनों पायलट क्या कर रहे थे और विमान के सिस्टम में किस क्रम में बदलाव आया।

यही वजह है कि जांच एजेंसियां फिलहाल किसी एक कारण को जिम्मेदार मानने से बच रही हैं।

ड्रग टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि ने बढ़ाई चिंता

घटना के बाद दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट कराया गया। कमांडर की शुरुआती जांच में नतीजा “non-negative” आया था, यानी सैंपल को आगे की पुष्टि के लिए भेजने की जरूरत पड़ी। बाद में कन्फर्मेटरी लैब टेस्ट में मारिजुआना यानी cannabis के लिए परिणाम पॉजिटिव आने की बात सामने आई।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पायलट उड़ान के समय नशे के प्रभाव में था या उसी वजह से विमान की ऊंचाई घटी। जांचकर्ताओं को टेस्ट के समय, सैंपल की प्रकृति, दवा और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड को मिलाकर निष्कर्ष निकालना होगा।

यही कारण है कि AAIB की जांच में पायलट की मेडिकल स्थिति और उड़ान के दौरान उसके व्यवहार को तकनीकी जांच के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

नींद की समस्या और डॉक्टर की दवा भी जांच के दायरे में

पूछताछ में कमांडर ने कथित तौर पर बताया कि वह नींद की समस्या के लिए अपने फैमिली डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा ले रहे थे। उन्होंने दवा का नाम या यह जानकारी नहीं दी कि वह कितने समय से उसका इस्तेमाल कर रहे थे।

अब जांच का एक अहम सवाल यह है कि क्या एयरलाइन को इस दवा की जानकारी दी गई थी?

DGCA के नियमों के अनुसार पायलट और अन्य ऑपरेटिंग क्रू को ऐसी दवाओं या पदार्थों के इस्तेमाल से बचना होता है जो उनकी सुरक्षित तरीके से ड्यूटी करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। DGCA के नियमों में sedative, narcotic या stimulant drug preparation और psychoactive substances को लेकर स्पष्ट सुरक्षा प्रावधान हैं।

मार्च 2026 में संशोधित DGCA प्रावधानों में एयरलाइन ऑपरेटरों के लिए अपने विमानन कर्मियों की psychoactive substances की जांच की व्यवस्था रखने की आवश्यकता भी दर्ज है।

इसलिए अब यह भी देखा जा सकता है कि पायलट ने अपनी दवा और नींद से जुड़ी समस्या की जानकारी संबंधित मेडिकल या ऑपरेशनल चैनल में दी थी या नहीं।