13 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वायुसेना के बेड़े में जुड़ेगे 60 नए ट्रांसपोर्ट विमान, करीब 1 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट

Ministry of Defence RFP for transport aircraft: वायुसेना के बेड़े में जुड़ेंगे 60 नए ट्रांसपोर्ट विमान, करीब 1 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट, टाटा-महिंद्रा को मिला RFP, जानें पूरी डील की डिटेल।
2 min read
Google source verification
Indian Air Force aircraft

भारतीय वायुसेना का जहाज (फोटो- ANI)

भारतीय वायुसेना की सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय ने 60 ट्रांसपोर्ट विमानों की खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है। करीब एक लाख करोड़ रुपए की इस परियोजना में भारतीय कंपनियां विदेशी विमान निर्माताओं के साथ मिलकर विमानों का निर्माण करेंगी।

टाटा, HAL और महिंद्रा डिफेंस को भेजा गया RFP

आरएफपी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), टाटा और महिंद्रा डिफेंस समेत भारतीय कंपनियों को भेजा गया है। इस परियोजना में भारतीय कंपनियां प्रमुख भूमिका निभाएंगी और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं के साथ साझेदारी के जरिए विमान तैयार किए जाएंगे।

महिंद्रा-एम्ब्रेयर, टाटा-लॉकहीड की तैयारी

महिंद्रा डिफेंस ने ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के साथ साझेदारी की है। वह इस परियोजना में सी-390 मिलेनियम ट्रांसपोर्ट विमान पेश करेगी। वहीं, टाटा समूह ने अमरीकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ साझेदारी की है। टाटा की ओर से सी-130 विमान का विकल्प पेश किया जाएगा। सी-130 विमान पहले से ही भारतीय वायुसेना में विशेष अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

20 फीसदी विमान सीधे मिलेंगे

परियोजना की शर्तों के अनुसार, अंतिम सौदा होने पर करीब 20 फीसदी विमान तैयार स्थिति में सीधे वायुसेना को दिए जाने का प्रावधान होगा। बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। भारत में बनने वाले विमानों में 60 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामग्री शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

ट्रांसपोर्ट बेड़े को मिलेगा बड़ा सहारा

वायुसेना के लिए ट्रांसपोर्ट विमान बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, सैन्य उपकरणों और राहत सामग्री को तेजी से दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने में किया जाता है। 60 नए विमानों की खरीद से वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता बढ़ेगी। यह परियोजना ऐसे समय आगे बढ़ रही है जब वायुसेना अपने लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन बेड़े के आधुनिकीकरण पर भी जोर दे रही है। वायुसेना ने हाल में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए भी टेंडर जारी किया है।