रांची

झारखंड के सीएम चीन दौरे पर, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन व शहरों के विकास पर करेंगे चर्चा

मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री रघुवर दास शंघाई और बिजिंग के प्रमुखों से मुलाकात कर वहां की नगरीय व्यवस्था की जानकारी लेंगे...
2 min read
Sep 01, 2018
Feature image

(रांची): झारखंड में पर्यटन, कृषि क्षेत्र के विकास और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास चीन के दौरे पर हैं। वह चीनी विशेषज्ञों और उद्यमियों से प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा करेंगे। दास के साथ उनके तीन मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी चीन के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री राज्य में नवम्बर में प्रस्तावित ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट के लिए चीनी उद्यमियों को न्यौता भी देंगे तथा शंघाई टावर का मुआयना करेंगे,ताकि उसी की तर्ज पर राजधानी रांची में भी भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर एक टावर का निर्माण कराया जा सके।


इन कामों को साधने की फिराक में सीएम!

मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री रघुवर दास शंघाई और बिजिंग के प्रमुखों से मुलाकात कर वहां की नगरीय व्यवस्था की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री चीन में आयोजित फूड प्रोसेसिंग मेले में चीन के व्यवसायियों और सिविल सोसाईटी के लोगों के साथ भी बैठक करेंगे। इस दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री फूड प्रोसेसिंग, खेती की आधुनिक तकनिक और पर्यटन को बढ़ावा देने पर बातचीत करेंगे।


मुख्यमंत्री बीजिंग में इलेक्ट्रॉनिक्स, माइनिंग के क्षेत्र में भी बेहतर काम करने वाले उद्यमियों से मिलेंगे। मुख्यमंत्री चार और पांच सितंबर को चीन के गोंझाउ में फूट एंड एग्रीकल्चर के क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों से भी मिलेंगे और आगामी नवंबर महीने में झारखंड में होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट में इन उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरे में मुख्यमंत्री के साथ शामिल शिष्टमंडल में मंत्री सीपी सिंह, अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुण्डा और कई अधिकारी भी चीन गए हैं।

चार दिन तक इजरायल दौरे पर गए थे राज्य के किसान

प्रदेश इन दिनों दूसरे राष्ट्रों से तालमेल बैठाकर विकास की राह पर अगसर है। इधर मुख्यमंत्री रघुवर दास चीन के उद्यमियों से प्रदेश के विकास के मुद्यों पर चर्चा करेंगे वहीं उन्नत व नई कृषि तकनीकों को सीखने के लिए रक्षाबंधन के दिन राज्य से 26 किसानों का दल इजरायल दौरे पर गया था जीसने चार दिन तक वहां प्रशिक्षण प्राप्त किया। सभी किसान वहां से सीखी गई कृषि तकनीक का उपयोग फसल की पैदावार व गुणवत्ता बढाने के लिए करेंगे।

Published on:
01 Sept 2018 07:05 pm