स्वामी अग्निवेश ने बताया कि उन लोगों ने उनके कपड़े फाड़ डाले, पगड़ी उतार दी और चश्मा तोड़ दिया। इसके साथ ही मोबाइल भी छीन लिए...
रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): स्वामी अग्निवेश ने पाकुड़ में भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज यदि उनके साथी नहीं होते, तो जान भी जा सकती थी। स्वामी अग्निवेश के मुताबिक उन्होंने होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे सत्तारूढ़ दल के कुछ कार्यकर्ताओं को बातचीत के लिए अंदर बुलाया भी था, लेकिन वे बातचीत को तैयार नहीं थे और जब वे खुद होटल से बाहर निकले, तो उन पर हमला कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पिटाई के दौरान वे लोग गंदी-गंदी गालियां भी दे रहे थे। जैसे ही वे दरवाजा खोलकर बाहर निकले, वे लोग उन पर टूट पड़े, इस दौरान स्वामी अग्निवेश बार-बार हाथ जोड़ते रहे और उनसे पूछते रहे कि बताओ भाई बात क्या है, लेकिन वे लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। सिर्फ उनके ऊपर लात-घूंसे की बारिश कर रहे थे।
फाड़े कपडे,फेक दी पगड़ी
स्वामी अग्निवेश ने बताया कि उन लोगों ने उनके कपड़े फाड़ डाले, पगड़ी उतार दी और चश्मा तोड़ दिया। इसके साथ ही मोबाइल भी छीन लिए। उसके बाद पत्थर उठा कर उनके सिर पर मारने ही वाले थे कि उनके सहयोगी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया और उन्हें बचा लिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आयोजकों ने उनके आने की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी थी, उसके बाद भी ऐसा हुआ। उन्होंने आरोपियों की शिनाख्त कर कार्रवाई की मांग की है।
पिटाई करने वालों ने लगाया यह आरोप
बता दें कि स्वामी अग्निवेश आज झारखंड आए थें। उनकी होटल के बाहर भाजयुमो के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। जब स्वामी उनसे बात करने गए तो प्रदर्शनकारियों ने उनसे मारपीट की। मिली जानकारी के अनुसार स्वामी की पिटाई करने वाले भाजयुमो कार्यकर्त्ताओं ने आरोप लगाया कि वे ईसाई मिशनरियों के इशारे पर आदिवासियों को भड़काने आये थे। वे छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने वाले जवानों के खिलाफ बयान देते है,वे पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।