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Rajya Sabha Election 2026: क्या एमपी का बदला झारखंड में लेगी कांग्रेस? एनडीए समर्थित परिमल नथवानी की उम्मीदवारी पर लटकी तलवार

NDA-backed Parimal Nathwani: झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर कांग्रेस और JMM की आपत्तियों के बाद जांच शुरू हो गई है।

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रांची

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Saurabh Mall

Jun 10, 2026

Rajya Sabha Election 2026

फोटो में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी और सर्कल में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन। (इमेज सोर्स: ANI)

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: गुरुवार, 18 जून 2026 को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव होने हैं। लेकिन इलेक्शन से पहले राजनीति दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस अब झारखंड में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की उम्मीदवारी को चुनौती देकर राजनीतिक जवाब देगी?

कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए

फिलहाल स्थिति यह है कि कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं, जबकि बिजनेसमैन और आंध्र प्रदेश से मौजूदा राज्यसभा एमपी परिमल नथवानी के नामांकन पर आपत्तियों के कारण फैसला रोक दिया गया है। उनके नामांकन के खिलाफ तीन आपत्तियां दर्ज हुई हैं और चुनाव अधिकारी उनकी जांच कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी नामांकन में कथित त्रुटियों को मुद्दा बनाया।

बता दें परिमल नथवानी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, लेकिन उन्हें भाजपा और एनडीए का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने 8 जून को नामांकन दाखिल किया था और दावा किया था कि उन्हें विभिन्न दलों के विधायकों का समर्थन मिलेगा।

वहीं दूसरी ओर बीते कल मंगलवार को सीट बंटवारे पर सहमति बनाते हुए कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने एक-एक उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा। कांग्रेस से प्रणव झा और झारखंड मुक्ति मोर्चा से बैद्यनाथ राम ने नामांकन भरा। इस दौरान दोनों ही कैंडिडेट वैलिड पाए गए।

जांच के बाद अंतिम फैसला लेगा चुनाव आयोग

ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मध्य प्रदेश में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस झारखंड में नथवानी की उम्मीदवारी को कानूनी और चुनावी स्तर पर घेरने की कोशिश कर सकती है। हालांकि अंतिम फैसला निर्वाचन अधिकारी की जांच और नामांकन की वैधता पर निर्भर करेगा।

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के ऑफिस पहुंचे कांग्रेस लीडर

उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रिजेक्ट होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और दूसरे लोग इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के ऑफिस पहुंचे। देखें वीडियो-

भूपेश बघेल ने खड़े किए सवाल

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- “मध्य प्रदेश में, रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने हमें शाम 5:30 बजे का समय दिया था, फिर भी इलेक्शन कमीशन का ऑफिस शाम 5:30 बजे बंद हो जाता है।
अगर हम RO के फैसले से खुश नहीं हैं, तो हमें इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में एप्लीकेशन देनी होती है, लेकिन यहां कमीशन का ऑफिस शाम 5:30 बजे बंद हो गया है।”

“अगर हम सीधे कोर्ट जाते हैं, तो वे हमें इलेक्शन कमीशन जाने के लिए कहेंगे। हमें यहां एप्लीकेशन देनी पड़ी, इसीलिए हमें धरने पर बैठना पड़ा। यहां कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है। जब राज्यों में राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं और इलेक्शन कमीशन को पता है कि अगर कोई गड़बड़ी हुई, तो हमारे पास शिकायतें आएंगी, फिर भी उसके बावजूद, यहां ऑफिस शाम 5:30 बजे बंद हो गया।”

उन्होंने आगे लिखा कि आखिर यह कैसा लोकतंत्र है? पहले तो अधिकारी मिलने को भी तैयार नहीं थे, लेकिन जब हम सब धरने पर बैठ गए, तो उन्होंने दो लोगों को एप्लीकेशन देने की इजाजत दे दी, जैसे वे हम पर कोई बड़ा एहसान कर रहे हों। इसके अलावा, हमसे कोई बातचीत भी नहीं हुई।