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रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में 18 मई 2017 को बच्चा चोरी की अफवाह में नाजायज मजमा लगाकर पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़, आग लगाने तथा मारपीट करने के मामले में 12 दोषियों को सजा सुनाई गई। एडीजे प्रथम आशीष सक्सेना की अदालत ने सोमवार को 12 आरोपियों को दोषी मानते हुए चार-चार साल सश्रम कारावास तथा दो-दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
पुलिस टीम पर किया था हमला
एपीपी मणिकांत विजय कुमार ने बताया कि इस घटना में मो.नईम समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि घटना के दिन स्थानीय मुर्तजा अंसारी के घर लोगों ने बच्चा चोरी की अफवाह में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की थी, जबकि घायलों को अस्पताल ले जाने वाली पुलिस टीम पर भी हमला कर वाहन में तोड़फोड़ की गई थी और पुलिस जीप को आग के हवाले कर दिया गया था। इस मॉब लिचिंग मामले में कुल चार लोगों की मौत हो गई थी।
15 जनो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी
इस मामले में राजनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजीव नीरज ने स्थानीय थाने में उपद्रवी भीड़ द्वारा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए वाहनों को आग के हवाले कर देने की जानकारी देते हुए 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
गौरतलब है कि 18 मई 2017 को बच्चा चोर अफवाह पर राजनगर के शोभापुर में चार लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा गांव में मुर्तजा अंसारी के घर में घुस कर उनके रिश्तेदार मो. नईम को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। इलाज के लिए ले जाने के क्रम में नईम ने दम तोड़ दिया था। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए भीड़ ने पुलिस के एक वाहन और मो. नईम की कार को आग के हवाले कर दिया था।
Published on:
17 Jul 2018 05:08 pm
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