रतलाम

रतलाम में अनंत चतुर्दशी: झांकी-अखाड़े निकालना है तो नीचे गड्ढोंं से, ऊपर तारों से बचें

चांदनीचौक, त्रिपोलिया गेट, लक्कड़पीठा, नगर निगम से लेकर छत्रीपुल तक सडक़ों के गड्ढे और बिजली पोलों पर झूलते तार बनेंगे बाधा, तार उठाने के लिए साथ रखने पड़ते हैं डंडे। कॉलेज रोड पर मकानों ओर बिजली पोलों पर झूलते तार
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Potholes on the Road Anant Chaturdashi
चांदनीचौक, त्रिपोलिया गेट, लक्कड़पीठा, नगर निगम से लेकर छत्रीपुल तक सडक़ों के गड्ढे और बिजली पोलों पर झूलते तार बनेंगे बाधा, तार उठाने के लिए साथ रखने पड़ते हैं डंडे। कॉलेज रोड पर मकानों ओर बिजली पोलों पर झूलते तार

रतलाम। अनंत चतुर्दशी पर झिलमिलाती झांकियों और अखाड़ों के साथ निकलने वाले चल समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन शहर की सडक़ें और झूलते बिजली तार आयोजकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। झांकियों को जहां सडक़ों के गड्ढों से बचाकर निकालना होगा, वहीं ऊपर झूलते केबल और खुले तारों से भी सावधान रहना पड़ेगा। कई बार संचालकों को तारों को ऊपर उठाने के लिए डंडे तक साथ लेकर चलना पड़ते हैं।


झांकियां और अखाड़े लोकेंद्र टॉकीज से कॉलेज रोड, मेहंदीकुई बालाजी मंदिर, दो बत्ती, सैलाना बस स्टैंड, बाजना बस स्टैंड, न्यू क्लॉथ मार्केट, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा, कॉलेज रोड, हाट रोड, शहर सराय, धानमंडी, चांदनीचौक और नौलाईपुरा सहित प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। इन मार्गों पर कहीं सडक़ के गड्ढेे तो कहीं नीचे लटकते तार चल समारोह की राह मुश्किल कर सकते हैं।

झांकी और कलाकारों की सुरक्षा जरूरी
झांकी संचालकों का कहना है कि लाखों रुपए खर्च कर तैयार की गई झांकियों को सुरक्षित निकालना उनकी मजबूरी है, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। पूर्व में बिजली, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बैठक में रूट का निरीक्षण कर विभागवार जिम्मेदारी तय करते थे। अब व्यवस्थाओं पर चर्चा मुख्य रूप से शांति समिति की बैठक तक सीमित रह गई है।

हादसे से पहले संभलना जरूरी
झांकियों की ऊंचाई और अखाड़ों की भीड़ को देखते हुए रूट पर झूलते तार, खुले केबल और गड्ढों की समय रहते जांच जरूरी है। बिजली, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को संयुक्त रूप से मार्ग का निरीक्षण कर खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर सुधार करना चाहिए, ताकि चल समारोह के दौरान किसी हादसे की नौबत न आए।

सभी विभागों की जिम्मेदार, दुरस्त हो व्यवस्था
जिला प्रशासन की बैठक में बिजली, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी-पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों को बुलाकर झांकी अखाड़ों के संचालकों के साथ झांकी-अखाड़ों के रूट के अनुसार व्यवस्था तय होती थी। अब कोई रूचि नहीं लेता, जबकि सभी विभागों की जिम्मेदारी हैं।
राजीव रावत, सचिव, जवाहर व्यायामशाला

हमेशा तार ऊंचे करने वाले साथ लेकर चलते हैं।
समय पूर्व प्रशासनिक अमले को तैयार होना चाहिए और झांकियों के रूटों को सहीं कहना चाहिए, रास्तों के गड्ढे सहीं कर बिजली पोलों पर झूलते तारों को सहीं करना चाहिए जहां सा झांकी निकलती हैं। हम झांकी के साथ हमेशा तार ऊंचे करने वाले को साथ रखते हैं।
राधेश्याम परिहार, समाज अध्यक्ष, अनंतनारायण मंदिर।

Updated on:
20 Sept 2026 10:26 pm
Published on:
20 Sept 2026 10:24 pm