रतलाम। शासन ने वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना के अन्तर्गत काम पूरा नहीं होने और जो कार्य किया वह भी अधूरा पड़ा, मलेनी नदी पर डेम भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। योजना अन्तर्गत प्रशासनिक स्वीकृति 6 करोड़ 33 लाख होकर ठेका अमन कंस्ट्रक्शन ग्वालियर की निर्माण कंपनी को दिया गया। अब तक 5 करोड़ 53 लाख का खर्च हो चुके हैं। कलेक्टर ने जांच करवाकर निर्माण कर्ता ठेकेदार के 80 लाख रुपए रोक दिए।

मामला नामली नगर का है। शिकायत के बाद एसडीएम ने डेम की मौके पर पहुंचकर जांच कर मामले कलेक्टर के समक्ष पेश किया, हाल यह है कि इतनी राशि खर्च होने के बाद भी डेम क्षतिग्रस्त होकर कई कार्य योजना अन्तर्गत अब भी अधूरे पड़े है। कलेक्टर ने जांच अधिकारी तहसीलदार बीएस ठाकुर को बनाकर नामली पहुंचाया। मामले जांच कर ठेकेदार को तलब कर तुरंत योजना को पूरी करने की हिदायत देने के लिए अधिकृत किया।
तहसीलदार ने रोका भुगतान
सोमवार को तहसीलदार बीएस ठाकुर ने ठेकेदार को नामली बुलाकर फटकार लगाते हुए आदेशित किया कि नगर परिषद् के जवाबदार कर्मचारियों को साथ रखकर जो कार्य अधूरा है उसे शीघ्र पूरा करें, अति शीघ्र डेम का पूर्ण निर्माण करें। साथ ही नई टंकी का निर्माण के साथ फिल्टर प्लांट पाइप लाइन डालकर शीघ्र योजना को पूरा करें। कार्य समाप्ति पश्चात बाकि 80 लाख का भुगतान होगा के निर्देश जारी किए।
योजना की बैठक में की थी शिकायत
तूफान सिंह सोनगरा ने डेम व जल आवर्धन योजना की 22 नवंबर को कलेक्टर रतलाम को मोखिक रूप से जल आवर्धन योजना की बैठक में शिकायत की, तब प्रशासन हरकत में आया जिस पर एसडीएम कृतिका भीमावत को मौके पर भेजा। एसडीएम ने डेम क्षतिग्रस्त होने पर कलेक्टर को अवगत कराया।
80 लाख का भुगतान कार्य पूरा होने के बाद
ज्ञात रहे कि ठेकेदार ने कार्य शुरू कर नगर में संपूर्ण पाइपलाइन डाल दी। मलेनी नदी पर डेम का निर्माण भी शुरू किया था, कार्य के चलते नगर परिषद् की आचार संहिता के साथ नई परिषद् का गठन हुआ, कार्य शुरू फिर से हुआ परिषद् व ठेकेदार के इस योजना कार्य में पटरी नहीं बैठी। नगर परिषद ने नए ठेकेदार अमित जोशी को कार्य करने का ठेका दिया। 2013 में कार्य की शुरुआत कर 2015 में उसे धरातल उतारने नई टंकी नए कनेक्शन नए फिल्टर प्लांट से नगर में जल वितरण का समय दिया गया था, किंतु आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना में 6 करोड़ 33 लाख की योजना में 5 करोड़ 53 लाख का खर्च हो चुके हैं ठेकेदार के मात्र 80 लाख रुपए और बकाया है, किंतु मात्र पाइप लाइने ही पूर्व के ठेकेदार ने नगर में डाली व डेम का निर्माण किया वह भी ऐसा निर्माण की 50 वर्ष गारंटी वाला डेम मात्र कुछ वर्षों में ही क्षतिग्रस्त हो गया। जगह-जगह लीकेज हो गया दीवारें टूटने लगी जो वर्षा में कभी भी टूट सकता है। कई गांव चपेट में आ सकते हैं।
इनका कहना
प्रदेश सरकार भी इस भ्रष्टाचार में सम्मिलित है। इसमें जांच कमेटी बनाकर सीबीआई से जांच करवाई जाए, मुझे मप्र की सरकार पर भरोसा नहीं है।
तूफान सिंह सोनगरा
कांग्रेस पार्षद वार्ड 7, नामली
मुख्य एजेंसी को तलब किया
मुख्य कंट्रक्शन मालिक आज नगर परिषद में तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुए थे। उनका प्रतिनिधि के रूप में एक व्यक्ति आया था जिसके काम से तहसीलदार संतुष्ट नहीं हुए, मुख्य एजेंसी को तलब किया है।
अनिता रजनीश परिहार
अध्यक्ष, नगर परिषद नामली
एक सप्ताह में कार्य पूरा करने का कहा
अमन कंस्ट्रक्शन को 1 सप्ताह में बचा हुआ कार्य व जो निर्माण में कमियां है, जिनको पूरा करने का समय दिया है, जिस पर उनके द्वारा कहा गया की नगर परिषद की टीम व हम सर्वे कर उक्त बचे हुए कार्य को पूरा करने का बोला है।
भगवान सिंह ठाकुर
तहसीलदार रतलाम ग्रामीण नामली