
Bihar Workers Exploitation in Ratlam: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में बिहार के श्रमिकों का कथित रूप से शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। यहां बिहार के 10 श्रमिकों से पिपलियासिर गांव में विंड पावर निर्माण कार्य में मजदूरी कराई जा रही थी। मजदूरों को 800 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी देना तय हुआ था लेकिन उन्हें महज 500 रुपये मजदूरी ही दी जा रही थी। इतना ही नहीं इन श्रमिकों से 12-12 घंटे काम कराया जा रहा था। बिहार श्रम आयुक्त से रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया को मिली सूचना के बाद कलेक्टर ने राजस्व, श्रम और पुलिस विभाग की संयुक्त जांच टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया।
जांच दल ने ग्राम पिपलियासिर में पावर विंड कंस्ट्रक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के कार्यस्थल का निरीक्षण किया। यहां गोपालगंज, बिहार के 10 श्रमिकों से सरिया बांधने और ढोने का काम करीब 12-12 घंटे कराया जाना सामने आया। श्रमिकों ने बताया कि बिहार में उन्हें 800 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने की बात कही गई थी, लेकिन यहां 500 रुपए प्रतिदिन दिए जा रहे थे। साथ ही समय पर भोजन नहीं मिलने की बात भी सामने आई।
जांच में सामने आया कि श्रमिकों की कुल 80 हजार रुपए मजदूरी देय थी। इसमें से 29,650 रुपए का भुगतान पहले किया जा चुका था, जबकि 50,350 रुपए शेष थे। जांच दल ने हस्तक्षेप कर पूरी बकाया राशि का भुगतान श्रमिकों को कराया। साथ ही उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था कराई गई। श्रमिकों की इच्छा के अनुसार उन्हें गृह राज्य बिहार भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मौके पर पहुंचकर एसडीएम केएस बघेल, तहसीलदार पंकज पवैया ने कार्रवाई की और श्रमिकों को मुक्त कराते हुए सभी को अभी रिंगनोद थाने में रखा गया है।