रतलाम नगर निगम के वार्ड-47 से चुनाव हारने पर भाजपा प्रत्याशी ने जुलूस निकालकर मनाया जश्न, समर्थकों के साथ DJ की धुन पर थिरकते हुए की नोटों की बरसात। हार पर बोले- कोई गम नहीं।
रतलाम. मध्य प्रदेश में दूसरे चरण के निकाय चुनाव की गणना बुधवार को संपन्न हुई। ऐसे में रतलाम नगर निगम के नतीजे भी 20 जुलाई को घोषित हो गए। एक तरफ जीतने वाले कैंडिडेट उत्साह मनाते नजर आए तो वहीं हारने वाले उम्मीदवारों के कार्यालयों पर सन्नाटा था। लेकिन, मद्य प्रदेश के रतलाम नगर निगम के वार्ड नंबर 47 के लोगों ने एक अलग ही नजारा देखा। यहां नए पार्षद के नाम का ऐलान होने के बाद जीतने वाले प्रत्याशी से पहले हारने वाला बाजपा पार्षद प्रत्याशी जोरदार जस्न मनाता नजर आया।
भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ने हारने के बाद अपने वार्ड में समर्थकों की भीड़ के साथ डीजे की धुन पर जमकर नाचते हुए जुलूस निकाला। प्रत्याशी इस जुलूस के जरिए हार का जस्न मना रहा था। यही नहीं, उनके साथ मौजूद समर्थकों ने डीजे पर खड़े होकर कूब नोट भी बरसाए। हार के बाद जस्न का कारण पूछने पर प्रत्याशी ने कहा कि, उन्हें हार का गम नहीं, बल्कि जनता से उन्हें जितने वोट मिले थे, दरअसल वो उन लोगों का आभार जताने के लिए जश्न मना रहे हैं।
278 वोटों से हारे भाजपा प्रत्याशी
आपको बता दें कि, रतलाम नगर निगम के वार्ड नंबर-47 से भाजपा के टिकट पर शाहिद हुसैन चुनाव लड़ कहे थे। सामने आए नतीजो के अनुसार पता चला कि, उन्हें अपने वार्ड से 1638 वोट मिले हैं। कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व पार्षद नासिर कुरैशी ने उन्हें 278 वोटों से हरा दिया। वहीं, वार्ड से जीतने वाले नासिर को कुल 1916 वोट मिले।
इस बात पर मनाया जश्न
हार का जश्न मनाने वाले भाजपा प्रत्याशी शाहिद हुसैन ने बताया कि, उन्हें चुनाव हारने का गम नहीं है, बल्कि इस बात की खुशी है कि, नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार वार्ड के लोगों ने किसी भाजपा कैंडिडेट को रिकॉर्ड वोट दिए हैं। पिछले सभी चुनावों में कभी भी किसी भाजपा प्रत्याशी को वार्ड से 900 मतों से अधिक नहीं मिल सके हैं।इस बार उन्होंने रिकॉर्ड तोड़कर हजार का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने कहा कि, वो इस बात का जश्न मना रहे हैं कि, उनके वार्ड के मतदाताओं ने इतना प्यार दिया है। इसलिए उनका फर्ज है कि, वो इस बात से खुद भी खुश होकर अपने मतदाताओं का आभार जताएं। उन्होंने कहा कि, भले ही वो हार गए हों, फिर भी वार्ड के लोगों की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहेंगे।