सीएम को छोड़कर खाना खाने चले गए थे डॉक्टर
रतलाम। जिले में 26 मई को आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए तैनात चिकित्सक अपनी ड्यूटी छोड़कर खाना लेने चले गए थे। बाद में जब पुलिस ने उनको अंदर कारकेट में लेने से इनकार कर दिया तो मामले में थाना प्रभारी की शिकायत की गई है। ये बात सामने आने के तीन दिन बाद तक एेसे चिकित्सकों पर सीएचएमओ ने कार्रवाई नहीं की है, जो सीएम की ड्यूटी से अधिक खाने को महत्व देकर चले गए थे। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने मामले में सीएम सुरक्षा मेें लापरवाही से इनकार कर दिया है।
ये है पूरा मामला
26 मई को मुख्यमंत्री चौहान जिले के प्रवास पर थे। इस दौरान आदिवासी बाहुल क्षेत्र बाजना में सीएम चौहान ने चौपाल रखी थी। यहां पर लगाए गए टैंट में पांच चिकित्सकों को एम्बूलैंस के साथ ड्यूटी करना थी। बताया जाता है कि यही से विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कुछ चिकित्सक ड्यूटी छोड़कर कार्केट से बाहर भोजन करने चले गए। वापस में जब ये आए तो इनको कार्केट प्रभारी थाना प्रभारी तेजपालसिंह ने रोक दिया।
ये चिकित्सक शामिल थे ड्यूटी में
बता दे की सीएम की ड्यूटी में बाजना में रतलाम से डॉ. श्याम गुप्ता, डॉ. भरत परमार के अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए आए तीन चिकित्सकों को भेजा गया था। इन चिकित्सकों में से बाहर गए कुछ चिकित्सकों को तगड़ा विवाद व हंगामा गेट पर हुआ। बाद में सीएचएमओ डॉ प्रभाकर ननावरे भी पहुंचे, लेकिन नियम तोडऩे की वजह से इनको अंदर नहीं लिया गया। बाद में अतिरिक्त एम्बूलैंस की व्यवस्था की तब जाकर इन चिकित्सकों को अंदर वापस जाने दिया।
अब एसपी को लिखित में शिकायत
मामले में अब पुलिस अधीक्षक अमितसिंह को सीएचएमओ डॉ. ननावरे ने लिखित में शिकायत करके गेट पर चिकित्सकों को रोकने वाले पुलियसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र लिखा है। पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि चिकित्सक बाहर गए थे। वापस आए तो अंदर नहीं लिया गया।
ड्यूटी छोड़कर क्यों गए
पहली बात चिकित्सक ड्यूटी छोड़कर क्यों गए, बाद में वापस गुजरात पासिंग गाड़ी से आना चाहा। जबकि ड्यूटी में शामिल गाड़ी में वो गाड़ी शामिल नहीं थी। इसलिए रोका गया था। फिर भी शिकायत की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। मीडिया के कहने से सीएम की सुरक्षा में चूक आदि का निर्धारण तय नहीं होता है।
- अमितसिंह, पुलिस अधीक्षक