
रतलाम। जिले के चार वृंदावन गांव के रूप में चयनित ग्रामों में देशी गोवंश के संरक्षण और उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पहल की है। प्रतियोगिता में मालवी, निमाड़ी, गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी नस्लों के संरक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग ने प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पंजीयन अनिवार्य किया है।
जिले के चार चयनित गांवों में 27 से 31 अक्टूबर के मध्य पशु प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विजेता पशुपालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।
इन चार गांवों का किया चयन
मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग रतलाम की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में बिरमावल (रतलाम विकासखंड), सुखेड़ा (पिपलौदा), खमरिया (आलोट) और करिया (सैलाना) के पशुपालक भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में मालवी, निमाड़ी, गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी नस्लों के संरक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
ऐसे करें आवेदन
विभाग ने प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पंजीयन अनिवार्य किया है। इच्छुक पशुपालकों को निकटस्थ पशु चिकित्सा संस्था से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित समय में जमा करना होगा। विभाग का उद्देश्य देशी नस्लों को बढ़ावा देने के साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
पुरस्कार पर नजर
प्रतियोगिता- 27 और 31 अक्टूबर के मध्य
पंजीयन - 23 अक्टूबर से शुरू।
प्रथम पुरस्कार- 1 लाख रुपए
द्वितीय पुरस्कार- 50 हजार रुपए
तृतीय पुरस्कार- 25 हजार रुपए
इनका कहना है…
देशी गोवंश के संरक्षण और उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य को लेकर रतलाम के चार वृंदावन गांवों का प्रतियोगिता के लिए चयन किया है। पंजीयन शुरू हो चुके हैं। 27 से 31 अक्टूबर के मध्य स्पर्धा होगी। प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।
डॉ. केएल डामोर
उप संचालक पशु पालन एवं डेरी विभाग