
रतलाम। बंजली-सेजावता बायपास पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज को लेकर सामने आया चौड़ाई का तकनीकी पेच अब पूरी तरह सुलझ गया है। रेलवे और सेतु निगम के बीच हुए पत्राचार के बाद ब्रिज के रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से की चौड़ाई 27 मीटर रखने पर सहमति बन गई है। सेतु निगम ने भी रेलवे के नियमों के अनुरूप इस चौड़ाई पर सहमति दे दी है। इससे अब ब्रिज के निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है और काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बंजली-सेजावता बायपास फोरलेन के हिसाब से करीब 22 मीटर चौड़ा है। इसके दोनों तरफ का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करीब छह माह पहले शुरू हुआ था। रेलवे के नियमानुसार खुली जगह पर बनाए जाने वाले ब्रिज के रेलवे हिस्से की चौड़ाई 27 मीटर रखी जाती है। ड्राइंग-डिजाइन में भी इसी प्रावधान के अनुसार चौड़ाई रखी गई थी। सेतु निगम द्वारा इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से चर्चा के बाद तकनीकी स्थिति स्पष्ट हो गई और अब निर्माण इसी डिजाइन के अनुसार किया जाएगा।
करीब 46 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस रेलवे ओवरब्रिज का लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ब्रिज के लिए करीब दो दर्जन पाइल तैयार किए जा रहे हैं। अधिकांश पाइल का काम पूरा हो चुका है और कई स्थानों पर पाइल के ऊपर कैप लगाने का काम शुरू हो गया है। स्लैब निर्माण के लिए बेस भी तैयार किए जा रहे हैं।
सेतु निगम के एसडीओ रघुनाथ सूर्यवंशी ने बताया कि बंजली-सेजावता बायपास पर ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। ब्रिज की चौड़ाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब निर्माण कार्य में और गति आने की संभावना है।