
रतलाम. जिले के सभी थानों पर क्यूआर कोड लगाकर पुलिस की मैदानी कार्यप्रणाली जांचने के लिए किए गए प्रयास ने पुलिस विभाग को बड़ी राहत दी है। थानों पर आने वाले आगंतुकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली, उनके रवैये, कार्य की प्राथमिकता सहित अन्य बिंदुओं पर अपना फीडबैक दिया है। इसमें 88 फीसदी ने संतुष्टी जाहिर की है। जिले के 103 नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें से 91 नागरिक यानी 88 प्रतिशत पूरी तरह से संतुष्ट मिले।
इन बिंदुओं पर हुई जांच
1. यातायात व्यवस्था - 79 प्रतिशत संतुष्टि
2. त्योहार और सामाजिक व्यवस्था - 78 प्रतिशत संतुष्टि
3. पुलिसकर्मियों का व्यवहार - 77 प्रतिशत संतुष्टि
4. पुलिसकर्मियों की कार्यदक्षता - 72 प्रतिशत संतुष्टि
5. क्षेत्र में अपराध नियंत्रण - 63 प्रतिशत संतुष्टि
जिले के थानों की स्थिति
जावरा थाने को 17 में से 17 लोगों ने संतुष्टीपूर्ण बताया। इसी तरह माणक चौक, सैलाना, रिंगनोद, नामली, दीनदयाल नगर, सखेड़ी, बड़ावदा, आलोट और कालूखेड़ा थानों को 100 प्रतिशत संतुष्टि मिली। पिपलौदा को 93 प्रतिशत और स्टेशन रोड को 81 प्रतिशत संतुष्टि मिली। औद्योगिक क्षेत्र रतलाम को सबसे कम 57 प्रतिशत संतुष्टि मिली।
ये भी कमेंट्स लिखे लोगों ने
माणक चौक
पुलिस की कार्यप्रणाली बहुत अच्छी है, थाना प्रभारी बहुत बढिय़ा है।
ताल
बहुत अच्छा काम, गुम हुआ मोबाइल खोजकर मालिक को वापस दिलाया।
जावरा सिटी
जावरा पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया, पुत्र गुम होने पर थाने से वापस मिला।
स्टेशन रोड
स्टेशन रोड थाने पर हमारी शिकायत लेकर पहुंचे तो हमें काफी सहयोग किया गया।
पिपलौदा थाना
इस थाने में अच्छी सुनवाई होती है। पिपलौदा थाना स्टाफ बहुत अच्छा है।
नामली
नामली थाने के पुलिसकर्मियों का ड्यूटी के दौरान व्यवहार अच्छा रहा।
बड़ावदा
बड़ावदा थाने के पुलिसकर्मियों का व्यवहार मुझे बहुत ही अच्छा लगा।
रिंगनोद
रिंगनोद पुलिस थाने में काम सभी मामलों में अच्छा काम किया जा रहा है।
शिवगढ़
यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी। आने वाले लोगों की सुनवाई की जाती है।
औद्योगिक क्षेत्र
ऑनलाइन धोखाधड़ी में खोया हुआ पैसा वापस दिलाने के लिए पुलिस का धन्यवाद।
ये सुझाव भी दिए नागरिकोंने
- आलोट, पिपलौदा, ताल सहित कई थानों पर पुलिस बल बढ़ाने की जरूरत है।
- रिंगनोद, दीनदयाल नगर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए।
- साइबर अपराध से संबंधित विशेष सहायता थाना स्तर पर उपलब्ध हो।
- थाना भवनों का नया निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए।
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क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली मध्यप्रदेश में सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक नया कदम है। जनता अब बिना किसी डर के अपनी राय सीधे दे सकती है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही की नई संस्कृति की शुरुआत है। प्राप्त फीडबैक के आधार पर अच्छी टिप्पणियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा रहा है। आम लोगों को भी अपनी राय इसमें दर्ज करानी चाहिए जिससे पुलिस की आम जनता के बीच की स्थिति सामने आ सके।
अमित कुमार, एसपी, रतलाम
Updated on:
15 Sep 2026, 11:19 AM IST
Published on:
15 Sep 2026, 11:19 AM IST
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