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करोड़ो रेल यात्रियों के लिए खुश खबर : अब रेलवन एप से परिवार के लिए भी बनाएं सीजन टिकट

पंजीकृत उपयोगकर्ता रेलवन एप के माध्यम से स्वयं के साथ परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर भी यूटीएस सीजन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे नियमित यात्रियों को टिकट बनवाने के लिए बार-बार टिकट काउंटर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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Indian Railway

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ (Photo Patrika)

रतलाम। रेल यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को और आसान बनाने की दिशा में रेलवे ने नई सुविधा शुरू की है। अब पंजीकृत उपयोगकर्ता रेलवन एप के माध्यम से स्वयं के साथ परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर भी यूटीएस सीजन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे नियमित यात्रियों को टिकट बनवाने के लिए बार-बार टिकट काउंटर जाने की जरूरत नहीं होगी।

एक खाते से छह सीजन टिकट तक की सुविधा

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, पंजीकृत उपयोगकर्ता अपने लिए एक तथा परिवार या अन्य व्यक्ति के नाम पर अधिकतम पांच अतिरिक्त शेयर करने योग्य सीजन टिकट बुक कर सकता है। स्वयं के लिए टिकट बुक करने वाले उपयोगकर्ता की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, जिस व्यक्ति के नाम पर टिकट बुक किया जा रहा है, उसकी आयु न्यूनतम पांच वर्ष होना आवश्यक है।

खुद के टिकट पर तत्काल जियो-फेंसिंग जरूरी

स्वयं के लिए बुक किए गए सीजन टिकट के मामले में जियो-फेंसिंग सत्यापन अनिवार्य रहेगा। ऐसे टिकट की वैधता बुकिंग की तारीख से शुरू होगी। वहीं, किसी अन्य यात्री के नाम पर बुक किए गए टिकट की वैधता बुकिंग के अगले दिन से शुरू होगी।

फोटो और क्यूआर कोड स्पष्ट होना जरूरी

यात्री यात्रा के दौरान शेयर करने योग्य सीजन टिकट की स्पष्ट मुद्रित प्रति अथवा मोबाइल पर उसका पीडीएफ संस्करण रख सकते हैं। टिकट पर यात्री का फोटो स्पष्ट होना चाहिए और वही फोटो क्यूआर कोड में डिजिटल रूप से दर्ज होना चाहिए। टिकट पर प्रदर्शित फोटो, क्यूआर कोड में दर्ज फोटो और यात्रा करने वाले यात्री का आपस में मिलान होना जरूरी है।

यह मान्य नहीं

रेलवनएप से प्राप्त इनवॉइस, बुकिंग रसीद या यूटीएस कागजी टिकट की प्रतियां वैध सीजन टिकट के विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं की जाएंगी। रेलवे ने यात्रियों को टिकट और क्यूआर कोड सुरक्षित रखने की सलाह दी है। क्यूआर कोड क्षतिग्रस्त, अपठनीय या छेड़छाड़ किया हुआ मिलने पर यात्री को बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है और रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई होगी।