
रतलाम। राजधानी में बुराड़ी के संतनगर में सामुहिक मौत ने पूरे देश को सकते में ला दिया हैं। एक ही परिवार के 11 सदस्यों का फांसी के फंदे पर लटका मिलना लोगों को हजम नहीं हो रहा है। आस-पड़ोस में अपनी शराफत और बेहतरीन व्यवहार के लिए लोकप्रिय भाटिया परिवार के साथ घटी इस घटना को लेकर लोग हैरान हैं। इन सब के बीच बड़ी बात ये सामने आई है कि इन मौत का मध्यप्रदेश के रतलाम संसदीय क्षेत्र से सीधा संबंध है। पत्रिका आपको सबसे पहले बता रही है कि इन मौत का रतलाम से किस तरह संबंध रहा है।
बता दे कि शवों के पास से मिले 6 मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर पुलिस उनकी कॉल रिकॉर्ड तलाश रही है। इन सब के बीच चौंकाने वाली बात यह है कि मरने वाले भाटिया परिवार के इन सभी मोबाइलों को साइलेंट मोड़ पर अलमारी रखा गया था।
कौन-कौन थे परिवार में
पड़ोसियों ने बताया कि भाटिया परिवार में 11 सदस्य थे जिनमें
— नारायण देवी(77) साल
— भुवनेश उर्फ भूप्पी (50)
— ललित (45)
— भुवनेश की पत्नी सविता (48)
— नीतू (25)
— मोनू (23)
— धु्रव (15)
— ललित की पत्नी टीना (42)
— शिबू उर्फ शिवम (15)
इनके अलावा भाटिया परिवार के साथ रहने वाली नारायण देवी की विधवा बेटी प्रतिभा (57) और उसकी नातिन दोहती प्रियंका (33) भी मृत मिली।
इस तरह है इनका संबंध
असल में मृतका टीना के पति ललित का मायका जहां रतलाम के करीबी जिले धार के गांव रेशमगारा से है तो रतलाम संसदीय क्षेत्र के झाबुआ के गायत्री गली निवासी टीना के जीजा भूपेंद्रसिंह सेलटैक्स में कार्यरत है। भूपेंद्रसिंह के अनुसार उनके बेटे आदित्य ने शनिवार रात 11 बजे ही मृतक परिवार से बात की थी। तब तक एेसा नहीं लगा था कि कुछ गलत होने वाला है।
सभी हैरान है मामले से
इतने बडे़ कांड होने के बाद न सिर्फ रतलात बल्कि पड़ोसी जिले धार से लेकर झाबुआ तक सभी हैरान है। इस मामले में ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने बताया कि आत्महत्या गलत है व एेसे कार्य नहीं करना चाहिए।