रतलाम

मां का बुलावा…त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में लगेगी भक्तों की हाजिरी

11 अक्टूबर को निकलेगी भव्य दर्शन यात्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद। विश्वकर्मा पांचाल समाज का आयोजन, उज्जैन से उमराई तक मां के दरबार की ओर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजेगा मार्ग।
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Maa Tripura Sundari Navaratri ratlam
11 अक्टूबर को निकलेगी भव्य दर्शन यात्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद। विश्वकर्मा पांचाल समाज का आयोजन, उज्जैन से उमराई तक मां के दरबार की ओर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजेगा मार्ग।

रतलाम। चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया हैं…आस्था की डगर पर जब हजारों कदम एक साथ बढ़ेंगे तो माहौल भक्तिमय हो उठेगा। मां त्रिपुरा सुंदरी के जयकारों से वातावरण गूंजेगा और मां दर्शन और आशीर्वाद की अभिलाषा से निकलने वाली इस यात्रा में रतलाम जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होंगे। जो उज्जैन से उमराई स्थित मां के दरबार की ओर रवाना होगा।

11 अक्टूबर को उज्जैन से बांसवाड़ा के उमराई तक दर्शन यात्रा निकाली जाएगी। मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन और आशीर्वाद की अभिलाषा से निकलने वाली इस यात्रा में रतलाम जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा को लेकर समाजजनों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।

सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देगा
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ मां के जयकारे लगाते हुए उमराई स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचेंगे। यहां मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और क्षेत्र की उन्नति की कामना की जाएगी। यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देगी।

सिर्फ यात्रा नहीं, एकजुटता का संकल्प
आयोजकों के अनुसार दर्शन यात्रा का उद्देश्य केवल मां के दर्शन करना नहीं है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करना भी है। धार्मिक आयोजन के बहाने समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि आस्था लोगों को जोडऩे और समाज को सकारात्मक दिशा देने की बड़ी ताकत है। यात्रा का संदेश भी श्रद्धालुओं के बीच उत्साह भर रहा है आस्था की डगर, मां का दरबार, त्रिपुरा सुंदरी करे बेड़ा पार। मां के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालु अपने परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना करेंगे।

युवाओं को भी जोडऩे की तैयारी
राकेश पांचाल ने बताया कि यात्रा में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि युवा धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुडकऱ समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बन सकते हैं। इसी उद्देश्य से युवाओं से बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। दर्शन यात्रा का आयोजन श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज की ओर से किया जा रहा है। वहीं पांचाल युवा मित्र मंडल मध्यप्रदेश ने समाज के श्रद्धालु भाई-बहनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाने का आग्रह किया है। आयोजकों ने अपील की है कि 11 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होने वाली इस भव्य यात्रा में सहभागी बनें और सामूहिक रूप से मां त्रिपुरा सुंदरी के दरबार पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। उज्जैन से उमराई तक निकलने वाला यह आस्था का कारवां धार्मिक श्रद्धा के साथ समाज की एकजुटता की तस्वीर भी पेश करेगा।

Updated on:
07 Sept 2026 10:11 pm
Published on:
07 Sept 2026 10:09 pm