
रतलाम। Bhadrapada month 2019 - 15 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ ही सावन माह समाप्त हो गया है। अब हिंदू पंचाग या ज्योतिष के अनुसार भाद्रपद (भादो) महीने की शुरुआत हो गयी है। भारतीय पुराण में भाद्र माह को आत्मा के लिए कल्याणकारी बताया गया है। वहीं भाद्रपद को भद्र परिणाम देने वाला बताया गया है। यह महीना विशेष रूप से व्रत, उपवास, नियम और निष्ठा का पालन करवाता है। इस माह 5 कार्य या काम भूलकर नहीं करना चाहिए। मान्यता के मुताबिक भाद्रपद माह चातुर्मास के चार पवित्र महीनों में से दूसरा माह है। इसे भाद्र के नाम से भी जानते हैं। भाद्रपद महीने में हिन्दू धर्म के अनेक पर्व आते हैं। जिनमें जन्माष्टमी व गणेशोत्सव सबसे अहम हैं। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी एनके आनंद ने कही।
ज्योतिषी एनके आनंद ने कहा कि भादो महीने में स्नान, दान और व्रत करने वाले लोगों के पापों का नाश होता है। यह शून्य मास भी कहलाता है, क्योंकि इस महीने में हर प्रकार के शुभ कार्य पर रोक रहती है। पुराणों में मान्यता है कि यह महीना की गई विभिन्न प्रकार की गलतियों के प्रायश्चित करने के लिए श्रेष्ठ है। बड़ी बात यह है कि इस पवित्र माह की शुरुआत हो चुकी है। यह 16 अगस्त से 14 सितंबर तक रहेगा। इसलिए इस माह को आत्मा के कल्याण के लिए बेहतर बताया गया है।
नहीं होते कोई शुभ कार्य
भाद्रपद महीना पर्व के लिहाज से तो अच्छा है, लेकिन यह मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इसमें विवाह, सगाई और नए घर का निर्माण शामिल है। इस माह में भक्ति के साथ-साथ स्नान और दान को विशेष बताया गया है। पुराणों के मुताबिक भाद्रपद महीने में कई कार्य नहीं करने चाहिए। इसके साथ ही कुछ खाद्य सामग्री के उपयोग पर रोक है।
भाद्रपद माह में भूलकर नहीं करें ये काम
ज्योतिषी एनके आनंद ने बताया कि पुराण अनुसार मान्यता है कि भादो में गुड़ नहीं खाना चाहिए। इससे स्वर बिगड़ सकता है। वहीं तिल के तेल का भी सेवन वर्जित है। इससे उम्र घटती है। दही खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। किसी अन्य व्यक्ति के दिए पके हुए चावल न खाएं, इससे लक्ष्मी घटती है। वहीं नारियल का तेल इस्तेमाल करने से संतान सुख में कमी आती है। इसलिए इन सभी चीजों के सेवन से बचें।
भाद्रपद माह में कर सकते ये काम
ज्योतिषी एनके आनंद ने बताया कि भादो महीने में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व आता है। श्री कृष्ण को मख्खन बहुत पसंद था। लिहाजा इस माह में मख्खन का जरूर सेवन करें। आयुर्वेद के अनुसार इससे उम्र बढ़ती है। गाय के दूध का बना घी भी खाना चाहिए, इससे शक्ति की प्राप्ति होती है। देशी गाय का दूध भी जरूर सेवन करें। इससे वंश वृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गौमूत्र का इस्तेमाल पानी में डालकर नहाते वक्त करने से हरप्रकार के पाप का नाश होता है।