
रतलाम. वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के पश्चिम रेलवे महामंत्री जेजी माहुरकर ने रतलाम में मीडिया से कहा कि रेलवे में संरक्षा व सुरक्षा के रिक्त पद को भरने का काम शीघ्र शुरू होने वाला है। इसके अलावा रेलवे अस्पताल में लंबे समय से रिक्त विशेषज्ञ के पदों को भी भरने की तैयारी हो गई है। इसके लिए मजदूर संघ ले लंबी लड़ाई लड़ी है। माहुरकर रतलाम में विवाह समारोह में भाग लेने आए थे।
बुलैट ट्रेन के बारे में माहुरकर ने कहा कि इसकी फिलहाल प्राथमिकता नहीं है। बेहतर ये है कि रेलवे अपने ट्रैक को सुधारे। जापान ने इस परियोजना के लिए भले कम ब्याज दर पर रुपए की मदद की हो, लेकिन जब रुपए वापस देने की बारी आएगी, तब वो उसके देश की मुद्रा में रुपए लेगा। देश में मालगाड़ी के लिए अलग से लाइन डालने के काम की शुरुआत हुई है व ये २०२१-२२ तक पूरा हो जाएगा। रेलवे में निजीकरण की निंदा की व कहा कि इससे रेलवे व यात्री दोनों को नुकसान में है। ट्रैकमेन मे १८०० व १९०० गे्रड पे को २४०० व २८०० तक लाने के लिए उनके संगठन ने कड़ी मेहनत की थी।
सिर्फ एक निर्णय बेहतर इस सरकार का
मोदी सरकार का एक निर्णय माहुरकर के अनुसार बेहतर है। १ अप्रैल २००४ से नियुक्त हुए वे कर्मचारी जिनकी मृत्यु हो गई है, उनको पेंशन नहीं देने का निर्णय इस सरकार ने न सिर्फ वापस लिया, बल्कि करीब ६०० लोगों के परिवार को मृत्यु होने के बाद पेंशन दी भी। अनिल काकोरकर ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जिस तरह सेना का जवाब काम करता हे, उसी तरह रेलवे कर्मचारी भी काम करता है। पांच दिन पूर्व ही बोर्ड ने पेंशन के नियम में बदलाव किया है।
४० प्रतिशत भरेंगे
रेलवे अस्पताल में रिक्त करीब ४० प्रतिशत पदों को भरा जाएगा। इसमें से करीब २० प्रतिशत भर्ती का लाभ पश्चिम रेलवे को मिलेगा। गु्रप डी में इसी प्रकार करीब १२ हजार नई भर्ती होना है। इसमे से ६ हजार रेल कर्मचारी का लाभ पश्चिम रेलवे को मिलेगा। ये काम आगामी दो माह में हो जाएगा।
बाद में ली कार्यकर्ताओं की बैठक
बाद में माहुरकर ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान रनिंग विभाग के कर्मचारियों ने माहुकर को ज्ञापन दिया व मांग की ब्रीद एनॉलाइजर मामले में वे हस्तक्षेप करें। बैठक मे यूनियन से करीब आधा दर्जन कार्यकर्ता मजदूर संघ में शामिल हुए। इनके अलावा नए सदस्य भी संघ से जुडे़। इस दौरान मंडल अध्यक्ष शरीफ खान पठान, मंडल मंत्री बीके गर्ग, प्रवक्ता दीपक भारद्वाज, युवा समिति अध्यक्ष गौश्रव दुबे, संगठन उपाध्यक्ष रफीक मंसूरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।