रतलाम

वोट चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना

अभा कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता चरणजीतसिंह सापरा ने रतलाम में प्रेसवार्ता करके कांग्रेस और केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव आयोग नहीं चूना आयोग बन गया है। चुनाव आयोग मोदी और शाह के इशारे पर काम कर रहा है।
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Updated: 25 Oct 2026, 9:20 PM IST
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प्रेस कांफ्रेंस लेते सापरा।

रतलाम. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता चरणजीत सिंह चापरा ने रविवार को रतलाम प्रेस क्लब में मीडिया से चर्चा के दौरान वोट चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यह चुनाव आयोग नहीं वरन चूना आयोग है।

सापरा ने कहा कि देश में वोट चोरी गंभीर मुद्दा है। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) इसका एक हिस्सा है। उन्होंने एसआइआर को स्पेशल इंटेंसिव रिगिंग बताते हुए दावा किया कि देश में 13 करोड़ 37 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे रहा है। उनकी बजाय भाजपा नेता और मंत्री जवाब देने के लिए प्रेस कांफ्रेस कर रहे हैं। सापरा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कटपुतली बने हुए है और वे मोदी और शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। वोट चोरी और एसआइआर पर पूर्व आयुक्त, जज सहित अन्य लोग भी सवाल उठ रहे हैं।

1 को नई दिल्ली में होगी रैली

सापरा राष्ट्रीय कांग्रेस के पूरे देश में एक साथ प्रेसवार्ता करने के आयोजन के तहत रविवार को रतलाम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जनता को जागरूक करेगी। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली और 26 नवंबर को संविधान दिवस पर देशभर में संविधान बचाओ रैली आयोजित की जाएगी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए "वोट बचाओ, देश बचाओ" अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी। घोषित अभियान के तहत पार्टी संगठन को प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक सक्रिय कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

कांग्रेस का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में हुए व्यापक बदलावों की पारदर्शी जांच आवश्यक है। पार्टी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण सूची से बाहर न रहे। इसके लिए घर-घर संपर्क, सूची की जांच और शिकायतों के संकलन की कार्ययोजना बनाई जा रही है।

मध्यप्रदेश में एसआइआर से पहले 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि अंतिम सूची में 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए। पुनरीक्षण के दौरान कुल 34,25,078 नाम हटाए गए। अंतिम सूची में 2,79,04,975 पुरुष, 2,60,75,186 महिला और 904 तृतीय लिंग के मतदाता दर्ज हैं। प्रेसवार्ता में कांग्रेस सचिव राजा चौकसे, जिला प्रभारी दिलीप गुर्जर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, पारस सकलेचा, लक्ष्मण सिंह डिंडोर सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

Updated on:
25 Oct 2026, 9:20 PM IST
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