
रतलाम। एक पखवाडे़ से उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की सर्दी व कोहरे ने रेलवे का परिचालन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली व जयपुर तरफ से देरी से आने वाली ट्रेनें जब देरी से पहुंच रही है तो वापसी में भी काफी देरी से आ रही है। एेसे में प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ हो गई है। जो बैंच प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए लगाई गई है, अब उनमे जगह नहीं बी है व सर्दी में यात्रियों को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पिछले एक पखवाडे़ से मंडल में विभिन्न दिशाओं से आ रही यात्री ट्रेनें काफी देरी से आ रही है। इसमे विशेषकर लंबी दूरी की वे ट्रेने शामिल है जो उत्तर भारत से आ रही है। एेसे में सबसे अधिक परेशान वे यात्री हो रहे है जो पहले से आरक्षण इसलिए कराए थे की उनका सफर बेहतर होगा। हालाकि अब ट्रेनें देरी से होने से यात्रियों की परेशानी ये है कि उनको घंटो प्लेटफॉर्म पर ही ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रतिक्षालय भरे हुए
हालाकि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर ४ पर यात्रियों के लिए विभिन्न स्तर के यात्री प्रतिक्षालय बने हुए है। इनमे शयनयान व वातानुकूलित प्रतिक्षालय बने हुए है। इनमे भी यात्रियों की संख्या भरी हुई है। एेसे में जब ये प्रतिक्षालय भर जाते है तो यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर बैठकर ही ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे के वाणिज्य विभाग ने ये दावा तो किया था की वह सामाजिक संगठन व जनप्रतिनिधियों से प्लेटफॉर्म पर बैंच दान करवाएगी, लेकिन अब तक वाणिज्य विभाग इसमे सफल नहीं हुआ है।
ये ट्रेने आई देरी से
गुरुवार को दिल्ली मुंबई राजधानी २९ मिनट, अगस्त क्रांति राजधानी ५२ मिनट, सोमनाथ जबलपुर २५ मिनट, अहमदाबाद इंदौर १ घंटे ४० मिनट, इंदौर अहमदाबाद १ घंटे २५ मिनट, साबरमती ४०मिनट, अजीमाबाद एक्सपे्रस ३५ मिनट, जयपुर मुंबई ३५ मिनट, पश्चिम एक्सपे्रस ४० मिनट, अवंतिका एक्सपे्रस ३५ मिनट, स्वराज एक्सपे्रस १ घंटे १९ मिनट, हरिद्वार वलसाड ३ घंटे १९ मिनट, कानपुर मुंबई २ घंटे ५१ मिनट, चित्तौडग़ढ़ इंदौर २८ मिनट, पटना अहमदाबाद ९ घंटे २२ मिनट, इंदौर पुणा १ घंटे १३ मिनट, मथूरा रतलाम ४० मिनट देरी से पहुंची।