
रतलाम। विश्व प्रसिद्ध माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर पर शनिवार सुबह अचानक कलेक्टर और एसपी पहुंच गए। माणक चौक स्थित प्राचीन श्रीमहालक्ष्मी मंदिर में आस्था और श्रद्धा ते अनूठे नजारे का अवलोकन किया। भारतीय मुद्रा के नोटों की लडिय़ों के साथ विदेशी करेंसी से सजा मां महालक्ष्मी का दरबार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु नोटों की गड्डियां लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। धनतेरस पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शुक्रवार को कलेक्टर अजय कटेसरिया और एसपी अमित कुमार ने मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने देखी व्यवस्था
अधिकारियों ने मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। कलेक्टर ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर में ऑनलाइन लेन-देन की प्रक्रिया भी समझी। एसपी ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था ऐसी रखने के निर्देश दिए, जिससे भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हो और श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें।
अन्य विदेशी मुद्राओं से भी शृंगार
करीब 25 से 30 मिनट तक अधिकारियों ने नोटों से किए गए शृंगार का अवलोकन किया। इसमें भारतीय नोटों के साथ रूस, अमेरिका, चीन, जापान और ब्रिटेन की मुद्राएं भी शामिल हैं। भारतीय नोटों के यूनिक नंबरों से तैयार विशेष सजावट भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर के पुजारी अश्विनी ने अधिकारियों को नोटों के शृंगार की परंपरा और कुबेर पोटली के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर सुबह 5 बजे आरती के बाद महिला श्रद्धालुओं को कुबेर पोटली वितरित की जाएगी।
धनतेरस पर सुबह से दर्शन का सिलसिला
मां महालक्ष्मी के हाथों में विराजित कुबेर पोटली को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के तहत धनतेरस पर सुबह की आरती के बाद महिला श्रद्धालुओं को पोटली वितरित की जाएगी। मंदिर में नोटों के शृंगार के दर्शन के लिए भी भक्तों की आवाजाही बढऩे की संभावना है।