
रतलाम. रेल मंडल में काम करने वाले करीब १०५ गेटमैन को अब रेलवे जोखिम भत्ता देगी। इसके लिए बोर्ड के आदेश के बाद भी लेखा विभाग ने रोक लगाई थी, जिसे पत्रिका की खबर के बाद ताकत से मजदूर संघ ने उठाया था। अब मंडल के लेखा विभाग ने इसको देने की स्वीकृति के साथ यांत्रिकी विभाग को सूचना दी है।
असल में रेलवे बोर्ड ने पिछले दिनों उठे एक विवाद के बाद से साफ किया था की गेटमैन को किसी भी हालात में जोखिम भत्ता लेने से रोका नहीं जा सकता, क्योंकि वह सेफ्टी विभाग से संबंधित है। एेसे में गेटमैन के साथ भत्तों में वही व्यवहार किया जाए जो ट्रैकमेन सहित संरक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ कि या जाता है।
नहंी मान रहा था लेखा विभाग
बोर्ड के आदेश से परे जाकर मंडल में लेखा विभाग गेटमैन को जोखिम भत्ता नहीं दे रहा था। इससे करीब १०५ गेटमैन प्रभावित हो रहे थे। इतना ही नहीं, गैटमेन के विरोध को भी लेखा विभाग ने दरकिनार कर दिया था। पत्रिका में इस मामले में समाचार के प्रकाशन के बाद वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ ने इस मामले को मंडल से लेकर मुंबई मुख्यालय तक उठाया था। इसके बाद लेखा विभाग ने यांत्रिकी विभाग को सूचना दी है कि वह १०५ गैटमेन को जोखीम भत्ता देगा। प्रत्येक गेटमैन को हर माह करीब २७०० रुपए का ये भत्ता मिलेगा।
ब्रीथ एनॉलाइजर पर विवाद कायम
इन सब के बीच अब तक लॉबी में ब्रीथ एनॉलाइजर पर विवाद कायम है। इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि रतलाम मंडल मुख्यालय पर जो ब्रीथ एनॉलाइजर मशीन लगाई हुइ है, वह ठीक तरीके से इंस्टाल नहीं की गई है, इसलिए ये समस्या आ रही है। जबकि इसी प्रकार की मशीने एयरपोर्ट पर भी है, वहां कोई समस्या नहीं आती है। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि वे इस मामले को रविवार को संगठन के महामंत्री जेजी माहुरकर के सामने ताकत के साथ इस मामले को उठाएंगे।
धन्यवाद पत्रिका
पत्रिका ने गेटमैन के मामले को उठाया। इसके बाद मंडल के १०५ गेटमैन को प्रतिमाह २७०० रुपए का जोखिम भत्ता मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इसके लिए सभी गेटमैन की तरफ से पत्रिका को धन्यवाद।
- बीके गर्ग, मंडल मंत्री, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ