
रतलाम। रेल मंडल में हर कर्मचारी को स्वास्थ्य की जांच करवाना अनिवार्य कर दिया है। असल में ये निर्णय रेलवे बोर्ड के उस आदेश पर लिया गया है, जिसमें अधिकारी के साथ-साथ कर्मचारी को फीट रहने की हिदायत दी गई है। एेसे में मंडल में अलग-अलग स्थान पर कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से मंडल में इससे करीब १५ हजार व देशभर में १५ लाख रेल कर्मचारियों को लाभ होगा।
तीन प्रकार की जांच अनिवार्य
असल में जब तक रेल कर्मचारी बीमार न हो, तब तक रेलवे अस्पताल नहीं जाता। एेसे में अब अनिवार्य जांच से लाभ होगा। अनिवार्य जांच में ब्लड पे्रशर, शुगर की जांच तो की जा रही है, साथ ही किसी प्रकार का तनाव तो न है, ये भी देखा जा रहा है। इससे रेलवे का मानना है कि जब अनिवार्य रुप से जांच होगी तो कर्मचारी को भी स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की भावना प्रबल होगी। इससे रेलवे व कर्मचारी दोनों को लाभ होगा।
मंडल में नोडल अधिकारी नियुक्त
मंडल में ये कार्यक्रम आने के बाद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके मालवीय ने इस कार्यक्रम में लिए रतलाम, दाहोद, उज्जैन, महू व इंदौर में अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए है। इनका कार्य प्रत्येक विभाग के कर्मचारी की अलग-अलग सूची बनाकर उनकी विभिन्न स्तर की जांच शुरू करना है। मंडल मुख्यालय पर ये कार्यक्रम शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत आरपीएफ से जुडे़ जवान व अधिकारियों की अब तक जांच हो गई है।
सेफ्टी में मिलेगा इससे लाभ
रेल चलाने के लिए स्वस्थ्स कर्मचारी की सबसे पहले जरुरत है। रेलवे के किसी भी क्षेत्र से जुड़ा कर्मचारी हो, कहीं न कही वो ट्रेन की सेफ्टी में काम आता है। इस अभियान से मंडल में करीब १५ हजार रेल कर्मचारी को सीधे लाभ होगा।
- डॉ. एके मालवीय, मुख्य चिकित्सा व स्वस्थ्य अधिकारी, रेलवे अस्पताल
Published on:
17 Nov 2017 10:44 am
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