
रतलाम। सरकार बनने के बाद बड़ा निर्णय लेते हुए कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रमोशन पर ब्रेक लगा दिया गया है। असल में ये ब्रेक इसलिए लगा है, क्योकि ट्रेन की रफ्तार कम है। अब आदेश जारी हो गए है कि अगर रफ्तार पर ब्रेक लगा तो उसका असर रेलवे में कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों के प्रमोशन पर भी होगा। ये आदेश जारी हो गए है व जुलाई माह से अमल में आएंगे।
रेलवे ने यात्री ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए बड़े निर्णय को मंजूरी दे दी है। ये निर्णय एक माह में अमल में आएगा। अब जो ट्रेन बगैर कारण के लेट होगी, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के प्रमोशन पर इसका असर होगा। बता दे की रेल मंडल में चित्तौडग़ढ़ रतलाम डेमू रोज ही देरी से आती है। रेलवे में लोकसभा चुनाव के पूर्व इस निर्णय को लिया था, लेकिन चुनाव के चलते इस पर अमल अब एक माह में होगा।
मंडल में आए आदेश
रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार रेल मंत्रालय का आदेश जोन से होते हुए मंडल मुख्यालय आ गया है। इसमें इस बात का उल्लेख किया है कि एक माह का समय दिया जा रहा है। अगर कोई ट्रेन किसी खास कारण से बार-बार देरी से चलती है या नियत समय पर स्टेशन पर नहीं पहुंचती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
1 जुलाई से कोई ट्रेन लेट होने पर जिम्मेदार अधिकारी का प्रमोशन रुकेगा। इस आदेश के बाद अब मंडल में रिपोर्ट तैयार हो रही है। जिस सेक्शन में ट्रेन लेट हुई है, उस बारे में जानकारी ली जाएगी। सिग्नल विभाग से लेकर इंजन चालक व गार्ड की बुक को भी देखा जाएगा की ट्रेन किस किलोमीटर के रास्ते से निकली है।
हर आदेश का पालन
वरिष्ठ कार्यालय से आए हर आदेश का पालन मंडल में किया जाता है। यात्रियों से अपील है कि वे सही व उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल