दिल्ली मुंबई के बीच दौडेग़ी 160 की SPEED से ट्रेन, ये है रेलवे की पूरी योजना
रतलाम। अब तक दिल्ली से मुंबई के बीच कोटा-रतलाम होते हुए 110 की स्पीड से राजधानी ट्रेन चलती है। अब रेलवे दिल्ली-कोटा-रतलाम-बड़ोदरा-मुंबई के बीच 160 की स्पीड से ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है। बस काम की शुरुआत होने वाली है। 160 की स्पीड वाली ट्रेन यात्रियों को 10-12 घंटे में अपने गंतव्य तक पहुंचा देगी। इस समय राजधानी ट्रेन 13-15 घंटे लेती है।
दिल्ली से कोटा-रतलाम-बड़ोदरा होते हुए 160 किमी की गति से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे 500 करोड़ रुपए की लागत से 1384 किमी की लंबी मजबूत दीवार बनाने जा रहा है। इसमे अब तक दिल्ली से मथूरा तक का काम पूार हो गया है। आगे के कार्य को इसी माह शुरू किया जाने वाला है। रेलवे ट्रैक को मनुष्य व मवेशी से सुरक्षित करने के लिए ये कदम उठाया गया है। रतलाम मंडल में ये 160 की गति की ट्रेन 100 से 130 की गति से चलेगी।
इसलिए कम होती है स्पीड
मंडल के परिचालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अक्सर मवेशी या मनुष्य के पटरी पर आने की वजह से ट्रेन की गति को कम करना होता है। इसके चलते अधिकतर ट्रेनें देरी से स्टेशन पर पहुंचती है व यात्रियों की इस बात को लेकर रेलवे से नाराजी रहती है। एेसे में अब इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने ट्रैक के दोनों तरफ दीवार खड़ी करने का निर्णय लिया है।
हाईस्पीड की दिशा में पहला कदम
मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-रतलाम-मुंबई के बीच ट्रेन को हाई स्पीड बनाने की दिशा में ये पहला कदम है। इससे ट्रेन की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार की हो जाएगी। दीवारर बनने से ट्रेन को बेहतर गति से दौड़ाया जा सकेगा। इस समय मंडल में नागदा से रतलाम के बीच रेलवे राजधानी ट्रेन को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाता है।
1384 किमी तक लगेंगे तार
रेलवे के अनुसार 500 करोड़ रुपए की इस योजना में 1384 किमी तक रास्ते में तार लगाए जाएंगे। इस योजना के लिए रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। अब मंडल में नागदा से गोधरा तक सर्वे कराया जाएगा। वे क्षेत्र जहां मवेशी आने का खतरा अधिक रहता है, वहां के ट्रैक पर पहले काम होगा। इसी तरह मथूरा से कोटा व कोटा से नागदा के बीच भी काम होगा। शहरी क्षेत्रों में पटरी के दोनों तरफ तार लगाए जाएंगे। इस योजना में रेलवे कुल 500 करोड़ रुपए का खर्चा करेगा। दिल्ली से मुंबई के बीच के ट्रैक में मथूरा, कोटा, रतलाम, बड़ोदरा व सूरत बडे़ स्टेशन शामिल है। ये रेलवे रुट दिल्ली से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात होते हुए महाराष्ट्र पहुंचता है। दीवार की ऊंचाई 8 से 10 फीट तक रहेगी।
मंडल में यहां सबसे अधिक परेशानी
मंडल की बात करें तो अमरगढ़ से बजरंगगढ़, जैकोट से लिमखेड़ा तक घाट व सबसे अधिक कर्व है। इस ट्रैक र काली मिट्टी होने से यहां पर राजधानी ट्रेन को भी 90 से 100 की गति पर चलाया जाता है। एेसे में अधिकारियों का मानना है कि 160 की स्पीड से ट्रेन को चलाने के लिए ट्रैक पर काफी काम करने की जरुरत होगी।
शीघ्र होगा कार्य शुरू
दिल्ली से मथूरा तक ट्रेन को 160 की स्पीड से चलाने के लिए दीवार या तार लगाए गए है। आगे के स्टेशनों के ट्रैक पर भी ये कार्य शीघ्र होगा।
-आरएस सुनकर, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम