
रतलाम. गणेशोत्सव के दौरान डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में हो रहे कथित गरबों को लेकर मचा बवाल ठंडा नहीं हुआ है। मंगलवार को कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की और फिर रात कॉलेज से जुड़े एक ग्रुप में हिंदू संगठनों को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारियों में बुधवार को आक्रोश फैल गया। संस्कृति बचाओ समिति और सर्व हिंदू समाज से जुड़े पदाधिकारियों ने दोपहर में कॉलेज गेट का घेराव कर दिया। इन्होंने चेतावनी दी कि हिंदू संगठन को कमजोर मत समझना। क्या ऐसे ही हम पर एफआइआर दर्ज करवा दोगे। हिंदू को यूं ही मत समझना। जब कल पूरा मामला निपट गया तो फिर रात में वाट्सऐप ग्रुप पर भद्दे कमेंट्स क्यों किए गए। अभिषेक उपाध्याय और हिंदू संगठन से राजेश कटारिया ने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ गेट को घेरकर विरोध जताया।
तीखी बहस भी हुई
कॉलेज गेट पर ही पुलिस भी मौजूद रही। इस समय कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अनुराधा तिवारी, संस्था के डॉ. संजय वाते से इन लोगों ने कॉलेज गेट पर ही चर्चा की। इस दौरान डॉ. तिवारी के बीच में बोलने और तेज आवाज में बात करने को लेकर हिंदू संगटन के पदाधिकारी बिफर गए और तीखी बहस भी हुई। हालांकि डॉ. वाते ने मामला संभाला और डॉ. तिवारी को शांत रहने को कहा। डीएसपी गायत्री सोनी, स्टेशन रोड थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम, माणकचौक के विक्रमसिंह चौहान, डीडीनगर के अनुराग यादव ने दोनों पक्षों को जैसे-तैसे शांत कराया।
बाहर नारेबाजी, अंदर भी शुरू
बाहर हिंदू संगठन से जुडे आक्रोशित कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान अंदर मौजूद लॉ कॉलेज के विद्यार्थी भी नारेबाजी करने लगे तो पुलिस अफसरों ने उन्हें डपटते हुए अंदर जाने को कहा। कुछ विद्यार्थी नहीं माने तो उन्हें जबरदस्ती अंदर भेजा गया।
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कोई कपल गरबा नहीं हुआ
हमारे कॉलेज में किसी तरह का कपल गरबा नहीं हुआ। दिन में ही सारे कार्यक्रम हो रहे हैं। शाम तक कोई छात्र यहां नहीं रुकता है। इनका आरोप गलत है। मर्यादा के हिसाब से ही कार्यक्रम होते हैं। जो शिकायत की गई है वह भी हमारे कॉलेज के स्टूडेंट ने ही की है।
डॉ. अनुराधा तिवारी, प्राचार्य लॉ कॉलेज
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कपल गरबा हिंदू संस्कृति के खिलाफ है। हम इसे सहन नहीं करेंगे। ये लोग एफआइआर दर्ज कराने की बात कह रहे हैं। रात में वाट्सऐप चेट में हिंदू संगठनों को चैलेंज भी कर रहे थे। इसलिए हमें आंदोलन करना पड़ा। यदि एफआइआर होती है तो हम आगे फिर आंदोलन करेंगे।
अभिषेक उपाध्याय, संस्कृति बचाओ समिति सदस्य