नवाब के नवासे ने छींटे की रस्म अदा की, जोरदार बारिश में ताजिये पहुंचे कर्बला
रतलाम। जावरा में हजरत इमाम हुसैन की शहादत में मुस्लिम सम्प्रदाय द्वारा मनाए जा रहे मोहर्रम में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित इमामबाड़ों से उठने वाले ताजियों का कारवां शनिवार की सुबह कर्बला मैदान पहुंचकर थम गया। रात में शुरू हुई बारिश के बाद अधिकांश ताजीये अपने स्थानों से देरी से निकले। ताजियों को बरसाती से ढका गया। तेज बारिश के चलते कई हुसैन टैकरी का ताजिया रात में बाजार में नहीं आ पाया, शनिवार को दोपहर बाद ताजिया जावरा पहुंचा।
ताजियों का कारवां सुबह कर्बला मैदान पहुंचा। जहां करीब 11 बजे सबसे पहले अलम शरीफ पर नवाब इफ्तेखार अली के नवासे गुलाम मकदुम बाबा व उनके हसनेन व सिफ्तेन ने गुलाब जल से छीटें की रस्म अदा की। अलम शरीफ के बाद फुटी बावड़ी स्थित दादा मुकिम खां के ताजियें पर सबसे पहले छींटे की रस्म अदा हुई। इसके बाद समस्त ताजियों पर देर शाम तक छीटे का कार्यक्रम चलता रहा। छीटें की रस्म अदायगी के तहत पेलेस स्थित कर्बला मैदान में मेला भी लगा। रियासत काल से निकाले जा रहे ताजियों के सदरों तथा ताजियों के समक्ष मर्सिया पढऩे वाले गायको का नगर में सम्मान किया गया। मोहर्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन व नगर सुरक्षा तथा ग्राम रक्षा समिति सदस्यों ने भी काफी मुस्तैदी दिखाई।
इतेहादुल मुस्लेमीन (खूंट) कमेटी द्वारा हर साल की तरह इस साल भी खूंट की विशेष फातिहा का आयोजन सोमवार की शाम को कर्बला मैदान में किया जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में महिलाऐं शामिल होगी। आसीफ अनवर ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल महिलाओं के द्वारा ही आयोजित किया जाता हैं। इस दिन आयोजन स्थल के समीप किसी भी पुरुष को जाने की इजाजत नहीं रहती हैं।
हतनारा. इमाम हुसैन की शहादत में निकाले मोहर्रम शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हुआ जलसा जिसमें ढोल नगाड़े अखाड़े के साथ प्रमुख मार्गो से होता हुआ बस स्टैंड चौराहे पर पहुंचा। जहां पर रात्रि में अखाड़े के कलाकारों द्वारा अनेक करतब दिखाए गए। जहां पर ठाकुर देवेंद्र सिंह पंवार,सरपंच भागीरथ पाटीदार, पटवारी ओंकार भूरिया, सदर मोहम्मद हुसैन, पूर्व सदर रणजीत भाई, न्यू उर्स मोहर्रम कमेटी द्वारा ताजिया बनाकर जुलूस निकाला गया। अलग-अलग कमेटी द्वारा हर चौराहे पर छबील भरी गई। वहीं मेले में खाने पीने, मिठाई व खिलौने की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। शनिवार सुबह बस स्टैंडहोता हुआ जलसा इमाम बाड़े पर पहुंचा जहां पर ताजिया का विसर्जन हुआ।
ताज/सुखेड़ा. मोहर्रम की दसवीं रात में हजरत इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम समाज व हिन्दू समाज के लोगों ने एकता का परिचय देते हुए रातभर जागे और ताजियों का दीदार किया। वही हुसैन समिति द्धारा नीमचौक बाजार में छबील लगाकर ताजिए के साथ चल रहे लोगों को शर्बत पिलाया। तो आस पास से आए महिलाओं व पुरुष सहित बच्चों में पर्व का उत्साह देखा गया। ताजियों का कारवंा बैंड बाजे के साथ पंक्तिबद्ध होकर नगर में निकले । किन्तु मध्य रात्रि को बारिश आ गई। वहीं शनिवार को सुबह छींटे की रस्म अदा करने के लिए कर्बला पहुंचने से पूव तेज बारिश हो जाने से ताजियों को पल्लियों व प्लास्टिक की पन्नी से ढंक कर कर्बला ले जाकर छींटे की रस्म अदा की गई।