नीमच से चित्तौडग़ढ़ तक विद्युतिकरण होने में दो माह लगेंगे। इसके बाद ही महू-इंदौर से चित्तौडग़ढ़ तक बिजली इंजन से ट्रेन चलेगी।
रतलाम। पश्चिम रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त आरके शर्मा ने शनिवार को नीमच से रतलाम तक रेलवे ट्रैक पर 110 की गति से बिजली इंजन से परीक्षण किया। 135 किमी के रास्ते को सीआरएस स्पेशल ने मात्र 95 मिनट के समय में पूरा कर लिया। शाम को 6 बजकर 35 मिनट पर नीमच से ट्रेन चली तो ठीक 8 बजे रतलाम पहुंची। यहां पर सीआरएस ने कहा कि नीमच से चित्तौडग़ढ़ तक विद्युतिकरण होने में दो माह लगेंगे। इसके बाद ही महू-इंदौर से चित्तौडग़ढ़ तक बिजली इंजन से ट्रेन चलेगी।
यहां पर मीडिया से चर्चा में सीआरएस ने कहा कि अगले दो माह में नीमच से चित्तौडग़ढ़ तक के रेल विद्युतीकरण कार्य का लक्ष्य लिया गया है। रतलाम से नीमच तक के कार्य को समय पूर्व किया गया है। इस दौरान पश्चिम रेलवे के मुख्य बिजली प्रींसिपल इंजीनियर संजीव भूटानी, मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर सहित अन्य अधिकारी भी साथ में रहे। रेलवे बोर्ड ने तय समय से पूर्व कार्य को करने पर मंडल को 75 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
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हर सवाल के मिले जवाब
रतलाम से सीआरएस स्पेशल सुबह 8.50 बजे चली। यहां से धोंसवास, जावरा होते हुए मंदसौर सुबह 11 बजे बाद पहुंचे। सीआरएस ने पिपलियामंडी, मल्हारगढ़, हरखियाकाल व नीमच स्टेशन मास्टर से विद्युत इंजन के चलने के दौरान की जाने वाली सावधानी के बारे में सवाल किए। रास्ते में आने वाले विभिन्न गेट पर पदस्थ गेटमैन से भी इस बारे में अनेक सवाल किए गए। बड़ी बात यह रही कि पिछली बार जब इसी प्रकार के सवाल किए गए थे तो स्टेशन मास्टर से लेकर गेटमैन सवालों के जवाब नहीं दे पाए थे। इस बार हर सवाल के जवाब सीआरएस को मिले।
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याद आया शिवना नदी का ब्रिज
रतलाम से मंदसौर के बीच में शिवना नदी के ब्रिज को देखकर ट्रेन को रुकवाया गया। यहां पर पिछले निरीक्षण के दौरान अनेक बदलाव के आदेश दिए गए थे। ब्रिज पर सीआरएस को वो याद आया तो ट्रेन को रुकने के आदेश दिए गए। इसके बाद करीब 40 मिनट तक ब्रिज पर रहकर सीआरएस ने निरीक्षण किया। लक्ष्मीबाईनगर से नीमच तक करीब 250 किमी के रेलवे ट्रैक का तय समय से पूर्व विद्युतिकरण कार्य होने पर रेलवे बोर्ड ने रेलवे इलेक्टिफिकेशन व मंडल की तारीफ की है। इसके लिए बोर्ड के कर्षण विभाग के निदेशक व पदेन सचिव राजेश तिवारी ने प्रशंशा की है। इसके अलावा 75 हजार रुपए के पुरस्कार मंडल को देने की घोषणा भी की है।
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