
रतलाम। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में टीही से धार के बीच रेल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। टीही के पास निर्माणाधीन 2,957 मीटर लंबी टनल में ट्रैक लिंकिंग पूरी होने के बाद 26 अक्टूबर को टॉवर वेगन चलाकर निरीक्षण किया गया। टनल के एक छोर से दूसरे छोर तक टॉवर वेगन का सफल संचालन इस महत्वपूर्ण रेलखंड के निर्माण में एक अहम पड़ाव है। इससे ट्रैक और उससे जुड़ी रेल अवसंरचना के निरीक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मुख्य इंजीनियर निर्माण, चर्चगेट धीरज कुमार के निर्देशन में टीही से धार तक लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस खंड में शामिल सुरंग का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
टनल के दोनों सिरों पर टीही और पीथमपुर की ओर रेलवे ट्रैक को जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद 26 अक्टूबर को धीरज कुमार की उपस्थिति में टॉवर वेगन को टीही की ओर स्थित पी-1 छोर से सुरंग के भीतर चलाया गया और पीथमपुर की ओर स्थित पी-2 छोर तक पहुंचाया गया। इस दौरान टनल के अंदर बिछाए गए ट्रैक और संबंधित रेल अवसंरचना का निरीक्षण किया गया।
2,957 मीटर लंबी इस सुरंग में बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही विद्युतीकरण और सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़े कार्य भी अंतिम चरण में हैं। रेलवे लाइन के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए ये दोनों व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। ट्रैक लिंकिंग और टॉवर वेगन के सफल संचालन से निर्माण की प्रगति का आकलन करने तथा शेष कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन के टीही-धार खंड में सुरंग का निर्माण तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है। लंबी सुरंग में ट्रैक बिछाने, दोनों सिरों को जोड़ने और संबंधित तकनीकी व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद निरीक्षण होना परियोजना की प्रगति को दर्शाता है। इस अवसर पर उप मुख्य इंजीनियर निर्माण अंकुर सिंह सहित निर्माण एवं विद्युतीकरण विभाग के अधिकारी और पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।