
रतलाम. श्रमण संघीय प्रवर्तक प्रकाश मुनि निर्भय का 13 वर्षों बाद शहर में आना हुआ। वे शुक्रवार को बाजनखेडा से रतलाम पहुंचे। बड़ी संख्या में गुरुभक्तों ने विहार यात्रा में शामिल होकर प्रवर्तक का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आगामी चातुर्मास के लिए उनका मंगल प्रवेश 23 जुलाई को होगा। इस वर्ष रतलाम में श्रमण संघीय प्रवर्तक पंडित रत्न प्रकाश मुनि निर्भय के साथ उपप्रवर्तनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका सुमनप्रभा साध्वी समूह, महासती चंदनबाला एवं सेवाभावी कल्पना का चातुर्मास श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल न्यास को प्रदान किया गया है। उपप्रवर्तनी सुमनप्रभा पहले ही पदार्पण कर चुकी हैं, जबकि चंदनबाला और कल्पना बदनावर से विहार कर सरवड पहुंच गई हैं और 19 जुलाई को रतलाम में पदार्पण करेंगी।
पुरुषार्थ करना पड़ता है
स्टेशन रोड स्थानक पर धर्मसभा में प्रवर्तक ने कहा कि पुण्य, पुरुषार्थ और महापुरुषों के आशीर्वाद का जीवन में बड़ा महत्व होता है। पुण्य से व्यक्ति साधन तक पहुंच जाता है, लेकिन उसे प्राप्त करने के लिए पुरुषार्थ करना पड़ता है। रतलाम संघ को पुण्य से चातुर्मास तो मिल गया है, लेकिन यदि पुरुषार्थ नहीं किया, तो कार्य सिद्ध नहीं होंगे। आत्म कल्याण के लिए जप, तप, त्याग और साधना करना और प्रतिदिन स्थानक पर आना पड़ेगा।
मन को एकाग्र करना पड़ेगा
मधुर गायक दर्शन मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य तीन योग मन, वचन और काया से कर्म का बंधन करता है और उन्हीं से कर्म छुड़ाता है। कर्म मुक्ति के लिए मन को एकाग्र करना पड़ेगा। 23 जुलाई को चातुर्मास का मंगल प्रवेश जुलूस किरण टाकीज से शुरू होकर मोहन टाकीज पहुंचेगा, जहां प्रवेश सभा होगी।
19 शुरू होंगे प्रवचन
संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने बताया कि प्रवर्तक के प्रवचन 18 जुलाई को स्टेशन रोड स्थानक पर सुबह 9 बजे से होंगे। 19 और 20 जुलाई को सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ पर तथा 21 व 22 जुलाई को किरण टाकीज स्थित महालक्ष्मी परिसर में प्रवचन होंगे।