
रतलाम। कमलनाथ सरकार बनते ही किसान पंजीयन के लिए किसान भटक रहे हैं, हालात इतने खराब है कि जिले में 51 पंजीयन केंद्र स्थापित करना थे, लेकिन 48 केंद्र ही अब तक बनाए गए। जहां भी सर्वर और तकनीकी खराबी के चलते पिछले साल की तुलना में आधे ही पंजीयन हो पाए है। सुबह से शाम तक किसानों को केंद्रों पर इंतजार अपने पंजीयन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
रबी विपणन गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के 48 केंद्रों पर पंजीयन किए जा रहे हैं, लेकिन हालात इतने खराब है कि पिछले साल की तुलना में आंकड़ा एक माह बाद भी अधूरा ही है। केंद्रों पर सर्वर बार-बार जाम होने के कारण किसानों को दो-दो-तीन-तीन दिन इंतजार करना पड़ रहा है तो 500-500 किसानों पेडिंग लिस्ट में नाम दर्ज है। प्रति केंद्र पर सुबह से शाम में 20-25 पंजीयन हो रहे है तो कहीं कहीं दिन-दिन भर किसान परेशान होकर शाम को घर लौट रहे हैं। वैसे 23 फरवरी पंजीयन की अंतिम तारिख थी, लेकिन अब 9 मार्च कर दी गई। जिससे किसानों को पंजीयन के लिए कुछ हद तक राहत मिली है। २४ मार्च से खरीदी शुरू होना है।
48 केंद्रों पर कुल 16649 पंजीयन हुए
रबी विपणन गेहूं उपार्जन अन्तर्गत 21 जनवरी से 23 फरवरी तक किए गए, लेकिन अब चना, मसूर एवं सरसों के साथ ९ मार्च तक गेहूं के पंजीयन भी होंगे। नवीन पंजीयन पिछले साल की तुलना में अब तक 30 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके थे, वहीं अब तक 48 केंद्रों पर कुल 16649 पंजीयन हुए है। यानि एक माह में आधे पंजीयन ही हो पाए है। जबकि धराड़ सोसायटी के कृषि उपज मंडी स्थित पंजीयन केंद्र पर उपस्थित कृषक राधेश्याम पाटीदार, बंशीलाल, विक्रमसिंह ने बतााय कि 500 नंबर तक पेेडिंग लिस्ट के रजिस्टर में किसानों के नंबर चल रहे हैं। पंजीयन के लिए पांच-छह दिन से चक्कर लगा रहे है, अब तक स्थिति वहीं चल रही है सर्वर जाम होने के कारण पूरे-पूरे दिन केंद्रों पर हो जाते हैं।
21 जनवरी से 23 फरवरी तक पंजीयन
गेहूं- 16649
चना- 4052
मसूर-170
सरसो-95
नये पंजीयन-17376