रतलाम

करणी सेना की रतलाम में महारैली शुरू

प्रदेश के बीस जिलों से आए ५० हजार से अधिक राजपुत व ब्राहमण समाज के लोग

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Nov 12, 2017
patrika

रतलाम। सरकारी नौकरी में आरक्षण की मांग व पदामावती फिल्म में महारानी के जीवन के साथ छेड़छाड वाले दृश्य के विरोध में करणी सेना ने रतलाम में विरोध का आगाज रविवार को किया। प्रदेश के करीब बीस जिलों से आए राजपुत व ब्राहमण समाज के युवा, महिलाएं व वृद्ध इसमे शामिल हुए। देर रात से रैली में आने के लिए लोगों का क्रम वाहनों से शुरू हो गया था। रैली में आने वाले लोगों के वाहनों की फोरलेन पर जांच हो रही है व रतलाम में भारी पुलिस बल लगाया गया है।

हनुतान माल से रैली की शुरुआत दोपहर करीब १२ बजे से हुई। इसमे केसरिया वस्त्रों में महिलाएं, युवा आगे चल रहे थे। ढोल, नगाडे़, शंख, मृदंग आदि के साथ युवा चल रहे थे। रैली नगर के प्रमुख मार्गो से निकलती हुई डोंगरे नगर पहुंची। यहां पर विराट सभा का आयोजन हुआ। पुलिस के अनुसार करीब ५० से ५५ हजार लोग रैली में शामिल हुए। रैली नगर के जिस मार्ग से निकली वहां का यातायात थम गया।

१०० से अधिक जगह स्वागत

शहर में रैली का करीब १०० से अधिक स्थान पर स्वगत किया गया। मृदंगी, ढोल, नगाडे़, शंख आदि के साथ रैली में लोग शामिल हुए। ये सभी लोग पदमावती फिल्म को प्रदर्शन करने के विरोध में व सरकारी नौकरी में आरक्षण की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे। रैली का उद्देश्य करीब नौ प्रकार की मांग हैं। रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि जब तक आरक्षण की मांग मंजूर नहीं होगी, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस प्रकार के अंादोलन होते रहेंगे। रैली में शामिल युवाओं के स्वागत के लिए खरीदे गए फूलों की वजह से बाजार में रविवार को गुलाब, चंपा, चमेली व गेंदे के दाम प्रतिदिन के मुकाबले अधिक रहे।

आठ जिलों से आया पुलिस बल

रैली में सुरक्षा की दृष्टि से आठ जिलों से सुरक्षा बल आया है। मंदसौर, नीमच, धार, इंदौर, उज्जैन प्रमुख स्थान से एक दिन पूर्व से पुलिस बल आ गया था। शहर में करीब ५० स्थान पर प्रमुख रुप से पुलिस एक दिन पूर्व रात से लग गई थी। फोरलेन पर इंदौर, उज्जैन व मंदसौर से आने वाले वाहनों की जांच हुई व इसके बाद ही इनको शहर में प्रवेश करने दिया।

Published on:
12 Nov 2017 01:45 pm