रतलाम

रतलाम की महालक्ष्मी को धारण करवाया डायमंड का मुकूट

रतलाम की महालक्ष्मी को धारण करवाया डायमंड का मुकूट
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patrika
रतलाम की महालक्ष्मी को धारण करवाया डायमंड का मुकूट

रतलाम। महालक्ष्मी का शृंगार प्रारंभ हो चुका है, इस बार सर्वप्रथम माणकचौक की प्राचीन महालक्ष्मी को डायमंड का मुकूट धारण करवाया गया, साथ ही मां सरस्वती और श्रीगणेश को भी मुकूट के साथ शृंगारित किया गया है। धनतेरस से पड़वी कर महालक्ष्मी का स्वर्ण आभूषण और नोटों से शृंगारित दरबार के दर्शन भक्त प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी आकर करेंगे। गुरुवार शाम तक करीब 2000 से अधिक श्रद्धालु सोने-चांदी के नोट, एक रुपए से लगाकर 2 हजार रुपए तक की नोटों की गड्डियां, माता के शृंगार मेे उपयोग आने वाले स्वर्ण आभूषण आदि लेकर मंदिर पहुंचते रहे।
शृंगार की सुरक्षा के लिए पुलिस जवान तैनात हो गए है तो सीसीटीवी कैमरे भी 24 घंटे चल रहे है। मंदिर के संजय पुजारी ने बताया कि महालक्ष्मी, श्रीगणेश और माता सरस्वती के लिए डायमंड के मुकूट बनवाकर धारण करवाए है। श्रद्धालुओं को निरंतर शृंगार सामग्री लेकर आने का सिलसिला जारी है, मंदिर पर आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है तो नोटों से मंदिर परिसर को भी शृंगारित किया जा रहा है।

सुरक्षाकर्मी तैनात...9 सीसीटीवी कैमरे लगे
माता मंदिर पर शृंगार के लिए भक्तों की तीन अलग-अलग समय पर शृंगार धन लेकर कतार लगे श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगा, देर रात तक करीब 2000 से अधिक भक्त मंदिर पर शृंगार सामग्री लेकर पहुंच चुके थे। इसमें सबसे अधिक महिलाएं शामिल थी। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत 9 सीसीटीवी कैमरे मंदिर परिसर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगाए जा चुके हैं, ताकि सभी पर कैमरे की नजर रहे। कुबेर खजाना लेने के लिए सुबह 8.30 से 9.30 बजे रहेगा, दोपहर 2 से शाम 4 बजे और रात 9 से 11 बजे तक मंदिर पर भीड़ लगने लगी है।

महालक्ष्मी मंदिर का दानपात्र बदलेगा
शहर के शासकीय मंदिरों पर दानपात्र शीघ्र ही बदले जाकर नवीन स्टील के दानपात्र लगेंगे, ताकि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाई जा रही दान राशि सुरक्षित रहे। इन दानपात्रों पर पुजारी थाली नहीं रख सकेंगे और ना ही इसमें पूजन सामग्री के साथ अगरबत्ती के गुल गिरेंगे। दीपोत्सव के पूर्व सबसे पहले महालक्ष्मी मंदिर पर नवीन दानपात्र लगाया जाएगा, इसके बाद कालिका माता मंदिर के भी दानपात्र बदले जाएंगे। दानपात्र बनाने के लिए नाप कारीगर ने ले लिया है और दो-तीन दिन में मंदिर परिसर में लग भी जाएगा। इस संबंध में बुधवार शाम को कलेक्टर ने भी तहसीलदार गोपाल सोनी से इस संबंध में चर्चा की जिस पर उन्होंने शीघ्र ही नवीन दानपात्र लगाने की बात कही। नाजीर ईश्वरलाल खराड़ी ने बताया कि कारीगर स्टील के दानपात्र तैयार कर रहा है। त्योहार को देखते हुए सबसे पहले माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर लगाया जाएगा। इस पर ना ता पूजन थाली रखी जा सकेंगे और ना ही दान राशि नुकसान पहुंचेंगे। चिंताहरण गणपति मंदिर पर लगा दानपात्र के जैसा आकार दिया जाएगा।

Published on:
02 Nov 2018 11:18 am