
रतलाम. लूट की सूचना मिलते ही एसपी ने वायरलेस पर कहा था…जो जहां है वहीं से घटना स्थल पहुंचे। यह सुनते हैं पुलिस अधिकारियों से लेकर जवानों तक ने रेनमऊं हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा की ओर दौड़ लगा दी। एसपी कार्यालय में पदस्थ सायबर सेल के कर्मचारी ऐसे भी थे जो वायरलेस पर गूंज आदेश के बाद भोजन छोडक़र घटना स्थल की ओर रूख कर गए। पूरे मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि जिस व्यक्ति के साथ लूट हुई थी, उसकी सबसे पहली योजना घर के करीब चाय की एक दुकान चलाने वाले ने बनाई थी।
रतलाम शहर में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों की लूट का रतलाम पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.167 किलोग्राम सोने के आभूषण और 4.047 किलोग्राम चांदी के आभूषण, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपए है, बरामद किए हैं।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
घटना 13 अगस्त की रात की है। फरियादी अर्पित चोरडिय़ा, निवासी 24 जैन कॉलोनी रतलाम, बडऩगर में व्यापारिक कार्य से गए थे। वहां से रात 8.20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात 9.15 से 9.30 बजे के बीच जब बस हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंची, तो बस में पहले से सवार दो युवक अर्पित के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और आवश्यक दस्तावेज थे। फरियादी की सूचना पर बिलपांक थाना में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
इन अधिकारियों ने किया घटना स्थल का निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश गुप्ता और पुलिस उप महानिरीक्षक निमिष अग्रवाल के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
300 सीसीटीवी फूटेज खंगाले
पुलिस टीमों ने घटनास्थल से बडऩगर तक के 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। 15 अगस्त को सूचना मिलने पर हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से छह संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषण बरामद किए गए। बरामद मशरूका में सोने के 238 नग जेवरात और चांदी के 183 नग जेवरात शामिल हैं।
छह आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में युवक राहुल गुर्जर (24), अभिजीत उर्फ अभय गुर्जर (22), यशवंत गुर्जर (28), राहुल उर्फ वीर गुर्जर (25), रवि उर्फ बबला गुर्जर (27) और प्रौढ़ मोहम्मद उमर उर्फ पप्पु (42) शामिल हैं। इस मामले में रोहित नायक और गौरव गुर्जर अभी फरार हैं।
लूट के आरोपी पकडऩे में इनकी रही सराहनीय भूमिका
निरीक्षक अय्यूब खान और उप निरीक्षक जीवन बारिया के नेतृत्व में साइबर एवं तकनीकी टीम की सराहनीय भूमिका रही। प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, हिम्मतसिंह, लक्ष्मीनारायण सुर्यवंशी, निलेश पाठक, दिलीप रावत, राहुल जाट, नरेन्द्र चावड़ा, अनिल सोलंकी, अभिषेक पाठक, अभय चौहान, आरक्षक विपुल भावसार, माखन सिंह, मयंक व्यास, संजय सोनी, रोशन राठौर, राहुल पाटीदार, मोरसिंह, तुषार सिसौदिया, हेमन्त यादव एवं जीवन विश्वकर्मा, पारस चावला की तकनीकी एवं साइबर विश्लेषण में सराहनीय भूमिका रही।