
रतलाम. शादी कर लुटेरी दुल्हन के मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं, लोग भी झासें में आकर समय और पैसे गंवा कर पछता रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के ग्राम सुखेड़ा में सामने आया। जहां पर शादी के नाम पर धोखाधड़ी कर एक दुल्हन तीन दिन में फरार हो गई।
सुखेड़ा निवासी गंगाबाई पति राकेश पंडित ने रतलाम एसपी कार्यालय में आवेदन दिया था। फरवरी माह में मोहनलाल पिता लालू मोगिया ने उनकी बहन चंदाबाई निवासी नगरी मंदसौर के पुत्र भरत पिता शिवकुमार नागदा की शादी उत्तर प्रदेश में कराने की बात कही। इसके लिए तीन लाख रुपए का खर्च बताया गया, जो 2.80 लाख रुपए में तय हुआ।
ऐसे की धोखाधड़ी
भरत की बहन पूजा उपाध्याय ने परिचित सुरेश नाथ के खाते से 2.80 लाख रुपए गंगाबाई को भेजे, जो उन्होंने दलाल मोहनलाल मोगिया को दिए। 25 फरवरी को गंगाबाई, भरत, दिनेश शर्मा व मोहनलाल मोगिया उत्तर प्रदेश के दीनदयाल रेलवे स्टेशन (मुग़ल सराय) पहुंचे। वहां से मोहनलाल ने दीपक नामक व्यक्ति को बुलाया। वे किराए के वाहन से सोनभद्र जिले में पहुंचे, जहां माला पिता जगदीश यादव से मुलाकात हुई।
भोपाल रेलवे स्टेशन से गायब हुई दुल्हन
भरत ने माला को वरमाला पहनाई, मांग भरी और एक स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कर उसे अपने साथ उज्जैन होते हुए सुखेड़ा ले आए। तीसरे दिन माला ने भाई के दुर्घटनाग्रस्त होने का बहाना बनाकर उत्तर प्रदेश जाने की बात कही। भरत और गंगाबाई ने मोहनलाल से पूछा, तो उसने भी माला को भेजने की सलाह दी। भरत माला को लेकर निजी वाहन से उज्जैन और फिर ट्रेन से भोपाल पहुंचे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर माला टिकट लाने का बहाना बनाकर फरार हो गई। भरत ने माला को मोबाइल किया, तो उसका फोन बंद मिला।
फिर कहां 80 हजार ले आ दूसरी से शादी करा देंगे
सुखेड़ा लौटकर भरत ने मोहनलाल से पूछा, तो मोहनलाल ने दीपक से जानकारी ली। दीपक ने भरत को 80 हजार रुपए लगाकर किसी और से शादी कराने की बात कही, जिससे उन्हें शंका हुई। मार्च माह में गंगाबाई ने रतलाम एसपी कार्यालय में आवेदन दिया। एसपी ने सुखेड़ा पुलिस चौकी प्रभारी राजू माखोड को कार्रवाई के निर्देश दिए। 11 जून को माखोड ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है।