
रतलाम। रतलाम शहर को और अधिक स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के उद्देश्य से महापौर प्रहलाद पटेल के निर्देशानुसार नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग अमले द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन स्वच्छता अभियान चलाया गया। सफाई व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान, नगर निगम ने विभिन्न वार्डों में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए 33 सफाई संरक्षकों पर कार्रवाई की।
इन सभी संरक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए उनका एक दिवस का वेतन काटा गया। यह कार्रवाई शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कर्मचारियों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। नगर निगम शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यापक सफाई कार्य को अंजाम दिया
इस अभियान के अन्तर्गत व्यापक सफाई कार्य को अंजाम दिया गया। निगम के स्वास्थ्य अमले ने गोमदड़े की पुलिया, शक्तिनगर, मदिना मस्जिद, गांधी नगर और मीराकुटी के नालों की विशेष रूप से सफाई करवाई। इसी क्रम में सुभाष नगर, वार्ड 22, 46 और 47 की नालियों को भी पूरी तरह से साफ किया गया, ताकि जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।
ताकि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनी रहे
इसके अतिरिक्त, कालिका माता रोड, ऑफिसर्स कॉलोनी, खेरादीवास, घांस बाजार, मालीकुआं, माणकचौक, नीमवाला उपाश्रय और कलाईगर रोड पर भी व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किया गया। वार्ड 16 की राजकुमार की गली की बैकलेन और गांधी नगर, मीराकुटी स्थित सार्वजनिक शौचालयों की भी गहन सफाई सुनिश्चित की गई, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनी रहे।
टाटा नगर गली नंबर छह में नलों से आधे घंटे गंदा पानी
नगर निगम के नलों से गंदा पानी आ रहा है, वह ऐसा कि किसी उपयोग का नहीं। रहवासियों का कहना है वैसे तो हर दिन 10-15 मिनट मटमेला पानी आता हैं, लेकिन रविवार की शाम आधे घंटे से भी अधिक समय तक गंदा नाली का पानी नलों से घरों में पहुंचा। मामला टाटानगर गली नंबर 6 वार्ड क्रमांक 18 का हैं। जहां के रहवासी पंकज बाफना ने पहले तो क्षेत्रिय पार्षद को शिकायत की वहां से निगम अधिकारी के नंबर मिलने पर उन्हे लगाया तो उन्होंने उठाया नहीं।
क्षेत्रवासियों ने की शिकायत
बाफना ने बताया कि पानी काफी गंदा आ रहा हैं, जो किसी काम का नहीं हैं। हर दिन 10-15 मिनट मटमेला पानी आना आम बात है। क्षेत्रिय पार्षद राजू सोनी ने बताया कि वार्ड एक शिकायत आई थी कि आधे घंटे तक पानी गंदा आया और नियमित 10-15 मिनट मटमेला पानी आता हैं। संबंधित निगम अधिकारी को सूचित कर दिया हैं। इस मामले को प्राथमिकता से दिखवाते हैं।