
रतलाम. जिले में बगैर ई टोकन के खाद का विक्रय करने वाले कृषि फर्म संचालकों के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाही की हैं। जांच के दौरान बिना ई टोकन के खाद देने पर छह फर्म संचालकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए है।
रतलाम विकासखण्ड के मेसर्स राठौर केमिकल एण्ड फर्टिलाईजर्स महू नीमच रोड नामली ने बिना ई टोकन के उर्वरको का वितरण सीधे कृषकों को किया। जिसकी जांच दल ने जांच की जाकर तत्काल प्रभाव से संबंधित फर्म का लायसेंस निलंबित किया है।
बगैर ई-टोकन के खाद बेचा
जिला कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार की गई कार्रवाही के दौरान दुकानों पर जांच के दौरान सहायक संचालक कृषि भीका वास्के और दल के सदस्य शामिल थे। जिले की छह उर्वरक विक्रेता फर्म संचालकों ने बगैर ई-टोकन के खाद बेचा, इसकी जांच कर कृषि विभाग ने कार्रवाही करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए।
इन फर्म संचालकों के भी लाइसेंस निलंबित
जिले में गठित उर्वरक निरीक्षण दल ने कड़ी कार्रवाही कर निजी उर्वरक फर्मों का निरीक्षण किया। चार निजी उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के अनुसार मेसर्स अरिहंत ट्रेडर्स आलोट, मेसर्स बालाजी इंटरप्राईजेस आलोट, मेसर्स नवपद टेडर्स आलोट, मेसर्स कुतुबी फर्टिलाईजर्स आलोट के लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए हैं।
ई टोकन से ही खाद विक्रय करेंगे
उप संचालक कृषि आरके सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा निर्देशों तथा कलेक्टर मिशासिंह के निर्देशानुसार 1 अप्रेल से ई विकास (ई-टोकन) उर्वरक प्रणाली के अन्तर्गत उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिए हैं। शासन के ई विकास प्रणाली (ई टोकन) से ही उर्वरक विक्रय किया जाएगा। यदि कोई भी फर्म आगामी समय में बिना ई टोकन के उर्वरक विक्रय करते हुए पाई जाती है तो उर्वरक नियंत्रण आदेश अन्तर्गत आवश्यक कार्रवाही की जाएगी।
खेड़ीबजरंगगढ़ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित
कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि आरके सिंह के मार्गदर्शन में खेड़ीबजरंगगढ़ ग्राम पंचायत में कृषि विस्तार अधिकारी आरएलडी द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व, फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने संबंधी जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने से फसल उत्पादन बढ़ता है तथा मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।