
रतलाम. जिले की ए ग्रेड महू-नीमच रोड कृषि उपज मंडी में फिर बाहरी आड़तियों के विरोध गहरा गया। गुरुवार दोपहर फिर व्यापारियों ने नीलामी प्रभावित करने का आरोप आड़तियों पर लगाते हुए नीलामी बंद कर दी, यह दूसरी बार है जब एक सप्ताह में दूसरी बार बाहरी आड़तियों के विरोध के चलते नीलामी कार्य प्रभावित हुआ है। दूसरी तरफ इस मामले में नीलामी में शामिल व्यापारी एक मत नहीं हैं।
मंडी में आधे घंटे तक नीलामी प्रभावित हुई। शाम को बुलाई गई बैठक के दौरान भी व्यापारी एक मत नहीं होने से बात नहीं बनी, आखिरकार मंडी सचिव ने कहा कि आपसी सामांजस्य बिठाकर मंडी की नीलामी व्यवस्था सुचारु रूप से चलाए अन्यथा मंडी एक्ट के अन्तर्गत कार्य करना होगा।
अधिकांश व्यापारियों का विरोध बाहरी आड़तिया बंद हो
प्याज-लहसुन मंडी में अधिकांश व्यापारियों का कहना है कि बाहर आड़तियों का प्रवेश बंद किया जाए, इस कारण मूल रूप से व्यापारी नीलामी में भाग नहीं ले पा रहे हैं। व्यापारी प्रभावित होता हैं। दूसरी तरफ कुछ व्यापारी आड़तियों के समर्थन में भी बात रखते नजर आए, जिससे कोई निर्णय नहीं हो पाया। कुछ दिन पूर्व इसी मामले को लेकर भी मंडी में नीलामी बंद की गई थी।
मंडी में पानी की टंकिया खाली, किसान-मजदूर परेशान
रतलाम. महू-नीमच रोड कृषि उपज मंडी में गुरुवार सुबह पानी की टंकियां खाली होने से किसानों के साथ ही मजदूर वर्ग परेशान होते रहें। मंडी सचिव कार्यालय शिकायत पहुंचने के बाद जिम्मेदार हरकत में आए और ताबड़तोड़ खाली पड़ी टंकियों में टैंकरों से पानी भरवाया गया। इस दौरान मंडी सचिव किशोरकुमार नरगावे कर्मचारियों पर नाराज होते भी नजर आए। स्वयं पानी की मुख्य टंकी के पास पहुंचकर पाइप लाइन दुरस्त करवाए। ताकि आगे से ऐसी स्थिति न बने, किसानों को पानी के लिए भटकना न पड़ें। किसान राजेश पुरोहित ने बताया कि किसान-हम्माल पानी नहीं होने से मंडी में परेशान हो रहे थे, मंडी प्रशासन को चाहिए की अवकाश के दिनों में जो भी कमिया उन्हे दुरस्त करना चाहिए।
इनका कहना है…
नीलामी में आड़तियों को लेकर पुन: व्यापारियों ने नीलामी रोकी, समझाइश दी गई। बैठक बुलाई लेकिन व्यापारी एक मत नहीं हो रहे हैं। ऐसे में चेतावनी दी गई हैं कि अगर आपसी सामांजस्य बिठाकर मंडी में नीलामी कार्य नहीं किया और बार-बार रूकावट पैदा की तो मंडी एक्ट के अन्तर्गत कार्य किया जाएगा। टंकी की पाइप लाइन लीकेज थी, शिकायत के बाद मौके पर जाकर सही करवाया।
किशोरकुमार नरगावे, सचिव, कृषि उपज मंडी