रतलाम शहर में मंडलम के लिए सूची फाइनल नहीं, शहर अध्यक्ष के लिए भी दावे पर अल्पसंख्यक वर्ग के पार्षदों सहित अन्य ने किए सवाल
रतलाम। शहर में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए मंडलम बनाने की कवायद को गुटबाजी के चलते आगे बढ़ाना पड़ गया है। शहर आए एआईसीसी के पर्यवेक्षक हाईकमान तक सूची नहीं पहुंचा सके। वहीं, शहर अध्यक्ष के लिए भी घमासान मचा है। हालांकि संगठन के जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही नई नियुक्तियां कर दी जाएगी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के गुजरात से आए पर्यवेक्षक धीरूभाई पटेल और अल्पेश दवे रविवार को भोपाल नहीं जा सके। पूर्व की बैठकों में रायशुमारी के बाद मंडलम के गठन और शहरी कार्यकारिणी के विस्तार के लिए संभावित नाम भोपाल भेजे जाने थे, लेकिन कांग्रेस की आपसी गुटबाजी और विरोध के स्वर उभरने के बाद पर्यवेक्षक फिलहाल सभी पक्षों से चर्चा करने में जुटे है। जिसके चलते सोमवार को नामों का पैनल हाईकमान तक नहीं पहुंच पाया है। अब एक दो दिन में नाम भोपाल प्रेषित किए जाएंगे।
शहरी कार्यकारिणी को लेकर असमंजस में पर्यवेक्षक
पर्यवेक्षकों को कांग्रेस और पूर्व में संगठन से जुड़े रहे पार्षदों ने संभावित शहर अध्यक्ष के नाम पर आपत्ति ली है। पार्षद मुबारिक खान, ममता नरेन्द्र बौरासी, नजमा इक्का बैलूत, नीरज परमार, सईदा नासीर कुरेशी और रेहाना शैरानी के हस्ताक्षर वाला एक पत्र पर्यवेक्षकों को सौंपा है। इस पत्र में शहर अध्यक्ष के लिए शांतिलाल वर्मा का नाम सामने आने पर आपत्ति ली गई है। हालांकि पर्यवेक्षकों ने फिलहाल चर्चा की बात कह दी है।
पर्यवेक्षकों ने वरिष्ठों से भी की चर्चा
कांग्रेस पर्यवेक्षक धीरूभाई पटेल और अल्पेश दवे सोमवार को भी शहरी कार्यकारिणी को लेकर चर्चा करते रहे। कुछ पार्षदों के पत्र के साथ ही अल्पसंख्यक विभाग की बैठक में आए मुद्दों पर जिला कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की गई। सांसद कांतिलाल भूरिया झाबुआ में व्यस्त होने के कारण बीते एक सप्ताह से रतलाम नहीं आ पाए है। ऐसे में सांसद विरोधी खेमा और समर्थक खेमे से जुड़े पदाधिकारी चर्चा में शामिल हो रहे है।
कार्यकर्ताओं से चर्चा जारी
शहर में सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा चल रही है। विरोध जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, बैठकों में सभी अपना पक्ष रख रहे है। संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ एवं मंडलम स्तर पर तैयारी की जा रही है।
- अल्पेश दवे, पर्यवेक्षक कांग्रेस