रतलाम

लव मैरिज की तो पूरे खानदान होगा बहिष्कार, दूध-मजदूरी तक होगा बंद

MP News प्रेम व अंतरजातीय विवाह करने वालों के परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। दूध, मजदूरी, सहयोग तक बंद करने की धमकी के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा।

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Jan 26, 2026
Complete social Family Boycott if Love Marriage happen (फोटो- Freepik)

MP News:रतलाम जिले के जावरा अनुभाग के पिपलौदा जनपद पंचायत अंतर्गत पंचेवा में पंचायत ने प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवती के मम्मी-पापा का सामाजिक बहिष्कार (Social Family Boycott) करने की घोषणा करते हुए वीडियो वायरल कर दिया। गांव मैं पंचायत ने निर्णय लिया जो परिवार के बच्चे प्रेम विवाह करेंगे, उनके साथ परिवार के हर सदस्य का गांव में हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, गांव में चार परिवार के बच्चों द्वारा किए गए प्रेम विवाह के बाद उन परिवार का सामाजिक बहिष्कार का एलान भी वीडियो में कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हड़कंप मचा व तुरत-फुरत अधिकारी गांव में पहुंचे व सामाजिक समरसता के तहत बैठक कर सभी को समझाया।

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दूध और मजदूरी भी होगी बंद

जारी वीडियो के अनुसार दूध, मजदूरी बंद करने की बात की गई। इसके अलावा जी गांव में ऐसे परिवार की मदद करेगा, उनका भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी। वीडियो में एक युवक कह रहा है अब गांव में कोई प्रेम विवाह (Love Marriage) खासकर जाति या समाज के बाहर जाकर विवाह करेगा तो युवक व युवती को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा। गांव का जो पंडित या नाई परिवार से संबंध रखेगा या जो विवाह में सहयोग करेगा, शरण देगा उसका भी बहिष्कार करने का एलान किया गया।

इनके नाम का किया एलान- जुगलदास बैरागी, निर्मल जाट, विनेश जाट, रामेश्वर पेंटर, अर्जुन पुरी के बहिष्कार करने का एलान वीडियो के माध्यम से किया गया।

दूध तक नहीं मिलेगा गांव में- वीडियो में प्रेम विवाह या अंतरजातीय विवाह करने पर दी गई धमकी यही नहीं रुकी, बल्कि कहा गया, ऐसे परिवार को न तो दूध दिया जाएगा, न कोई मजदूरी मिलेगी। गांव के किसी भी शुभ या अन्य आयोजन में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। गांव की बैठकों व अन्य सामाजिक निर्णय से दूर रखा जाएगा। (MP News)

संविधान खिलाफ है निर्णय- अधिवक्ता

गांव में यह निर्णय संविधान के खिलाफ है। संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है। अनुच्छेद 21 सभी को सम्मान के साथ जीवन जीने, निजी पसंद के निर्णय का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट कई बार यह कह चुका है, सभी को बालिग होने पर अपनी पसंद से विवाह का अधिकार है।-प्रणय ओझा, हाईकोर्ट अभिभाषक, रतलाम

कार्रवाई की जाएगी- सीईओ

मामले में वीडियो सामने आने के बाद जानकारी मिली है। इसके बाद स्वयं गांव में गया व सभी की बैठक लेकर समझाने का प्रयास किया है। सभी को संविधान के नियम की जानकारी देकर चेतावनी दी है। इसके बाद भी नहीं मानेंगे तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -ब्रह्म स्वरूप, सीईओ, जनपद पंचायत पिपलौदा

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Published on:
26 Jan 2026 02:28 am
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