MP News: पटवारी के कमरे से मिले दो पत्र, एक पत्र में नायब तहसीलदार पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, विभाग में मचा हड़कंप।
MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के आलोट में एक पटवारी ने अपने छोटे भाई की शादी के रिसेप्शन के अगले ही दिन घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को पटवारी के कमरे से दो पत्र मिले हैं। एक पत्र में पटवारी ने नायब तहसीलदार की प्रताड़ना का जिक्र किया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पटवारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजकर पत्रों को जब्त कर जांच शुरु कर दी।
एमबी नगर निवासी पटवारी रविशंकर खराड़ी (33) ने मंगलवार को अपने छोटे भाई सिद्धार्थ खराड़ी की शादी के रिसेप्शन के अगले ही दिन अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। आलोट अनुभाग के खजूरी सोलंकी में पटवारी के रूप में पदस्थ रविशंकर की तीन साल की बेटी है और पत्नी रीना छह-सात माह की गर्भवती हैं। पुलिस ने कमरे से दो पत्र बरामद किए, जिनमें से एक 15 दिन पुराना है। इस पत्र में रविशंकर ने आलोट की नायब तहसीलदार सविता राठौड़ पर काम के लिए जबरन दबाव बनाने, नोटिस देने और परेशान करने का आरोप लगाया है। दूसरा पत्र मंगलवार को ही लिखा गया था, जिसके विषय में जानकारी सामने नहीं आई है।
मृतक की मां केसरबाई और छोटे भाई सिद्धार्थ खराड़ी ने भी नायब तहसीलदार राठौड़ पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। मां ने बताया कि रविशंकर लगभग एक माह से परेशान थे। सिद्धार्थ के अनुसार, भाई को अधिकारी द्वारा छुट्टी न दिए जाने से वह परेशान रहते थे। 15 दिन पुराने पत्र में कथित तौर पर लिखा है कि नायब तहसीलदार सविता राठौड़ उन्हें बहुत परेशान कर रही थीं और नक्शा, बटांकन, फर्द आदि में बदलाव करवा रही थीं। पत्र में नायब तहसीलदार के क्वार्टर पर बुलाकर 'गलत काम' करवाने की रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र थाने में सिद्धार्थ खराड़ी ने एफआइआर में बताया कि मंगलवार दोपहर रविशंकर पंखे से फंदा लगाकर लटके मिले। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आलोट तहसीलदार पंकज पवैया ने बताया कि 15 दिन पुराने पत्र की जांच होगी और ब्लैकमेल की संभावना भी जांची जाएगी। नायब तहसीलदार सविता राठौड़ ने इन आरोपों को पूरी तरह असत्य बताया। उन्होंने कहा कि रविशंकर ने शादी के अवकाश के लिए कोई आवेदन नहीं दिया था और कई दिनों से कार्यालय नहीं आए थे। 8 अप्रैल को नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 10 अप्रैल को दिया था।