
रतलाम. जिले में किसान रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखंड जावरा और सैलाना ने दो पटवारियों को निलंबित किया है। दोनों पर शासकीय दायित्वोंं के निर्वहन में उदासीनता और कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने का आरोप है।
जावरा उपखंड के हल्का क्रमांक 08, ग्राम पिपलीयासीर के पटवारी महेश सिंघाड़ को निलंबित किया गया। अपर कलेक्टर ने 12 अगस्त को कार्य समीक्षा में उनके हल्के में प्रगति 30 प्रतिशत से कम पाई थी। जारी नोटिस का उत्तर नहीं दिया गया। नायब तहसीलदार ढोढर ने भी लापरवाही संबंधी प्रतिवेदन दिए थे। पूर्व में भी कई नोटिस जारी हुए, पर जवाब नहीं मिला। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में मुख्यालय तहसील कार्यालय जावरा रहेगा।
दोनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा
सैलाना उपखंड के हल्का नंबर 48, खेड़ीकला के पटवारी परमानंद खेडड़ा को भी निलंबित किया गया। परमानंद खेडड़ा ने ग्राम खेड़ीखूर्द और हल्दूपाड़ा में किसान रजिस्ट्री कार्य में मात्र 12.7 प्रतिशत प्रगति की। कलेक्टर कार्यालय ने 12 अगस्त को नोटिस जारी किया, जिसका जवाब नहीं मिला। इसे भी मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सैलाना रहेगा। दोनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
रतलाम में पटवारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार:
मध्य प्रदेश पटवारी संघ, जिला रतलाम ने 20 अगस्त से जिले के समस्त शासकीय कार्यों और आगामी मुख्यमंत्री जन विकास अभियान का पूर्णत: बहिष्कार करने का निर्णय किया है। संघ ने आरोप लगाया है कि फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति के नाम पर सैलाना अनुभाग के पटवारी परमानंद खेड़ा और जावरा अनुभाग के पटवारी महेश सिंघाड़ को बिना किसी जांच-पड़ताल के अन्यायपूर्ण तरीके से निलंबित कर दिया गया है। तहसील रतलाम शहर के दस पटवारियों के वेतन काटने के आदेश जारी किए गए हैं।
पटवारी संवर्ग में भारी रोष एवं निराशा व्याप्त
संघ का कहना है कि ये सभी आदेश बिना किसी परीक्षण, आकलन एवं विश्लेषण के, दुर्भावनापूर्ण तरीके से जारी किए गए हैं, जिससे पटवारी संवर्ग में भारी रोष एवं निराशा व्याप्त है। संघ की मांग है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए उक्त निलंबन एवं वेतन कटौती के आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। संघ ने निर्णय किया है कि जब तक प्रशासन द्वारा उक्त आदेश निरस्त नहीं किए जाते, तब तक जिले के समस्त पटवारी अपने हल्का मुख्यालयों पर उपस्थित रहकर समस्त शासकीय कार्यों से विरत रहेंगे। इस अवधि में राजस्व संबंधी समस्त कार्य प्रभावित रहेंगे।